कांग्रेस ने पंजाब चुनाव की तैयारियां तेज कीं, राहुल गांधी जल्द दौरे पर
राहुल गांधी अगले 10 दिनों में पंजाब दौरे पर आएंगे, नशा और रोजगार प्रमुख मुद्दे
कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है और पार्टी ने अगले 10 दिनों में राहुल गांधी के पंजाब दौरे का कार्यक्रम लगभग अंतिम रूप दे दिया है। चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और नशे, शिक्षा, रोजगार तथा सुरक्षा प्रमुख एजेंडे में रहेंगे। पार्टी के मीडिया अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की टीम को पंजाब में जिम्मेदारी दी गई है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने अगले 10 दिनों में राहुल गांधी के पंजाब दौरे का कार्यक्रम लगभग अंतिम रूप दे दिया है। कांग्रेस के कोऑर्डिनेटर हरिशंकर गुप्ता ने बताया कि चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और नशे, शिक्षा, रोजगार तथा सुरक्षा प्रमुख एजेंडे में रहेंगे।
हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मीडिया कोऑर्डिनेशन के लिए नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की टीम को भी पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है ताकि चुनावी तैयारियों और पार्टी के मीडिया अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
गुप्ता ने बताया कि पार्टी का लक्ष्य सभी नेताओं को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरना है। उन्होंने कहा, "सभी राजनीतिक दलों में मतभेद और गुटबाजी होती है, यह कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस हाईकमान एक बार जो फैसला लेता है, उसमें बदलाव नहीं किया जाता।"
उन्होंने आगे कहा कि आगामी चुनाव में नशे की समस्या, शिक्षा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और सुरक्षा जैसे मुद्दे कांग्रेस के प्रमुख एजेंडे में रहेंगे। पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी।
पिछले दिनों उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद छिड़ा था। राहुल गांधी ने इस घटना को बीजेपी की ‘छुआछूत वाली मानसिकता’ से जोड़कर राजनीतिक दांव खेलना शुरू कर दिया है।
हालांकि कांग्रेस के सैम पित्रोदा ने जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों को ‘बच्चों की नादानी’ बताकर पार्टी की रणनीति को कमजोर किया है। पित्रोदा के बयान से कांग्रेस को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।
राहुल गांधी इस मुद्दे पर आर-पार के मूड में हैं और छुआछूत के खिलाफ अपनी लड़ाई को धार देने के लिए एससी/एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
पिछले चुनावों में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने बीजेपी पर ‘छुआछूत’ और ‘भेदभाव’ का आरोप लगाकर माहौल बनाया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भी कांग्रेस इसी रणनीति को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
5 free articles left today
0 of 5 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.