रिकी पोंटिंग ने वनडे क्रिकेट के भविष्य पर जताई चिंता
पूर्व कप्तान के मुताबिक आने वाले वर्षों में वनडे मैचों की संख्या घटेगी
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा है कि टी20 लीगों के बढ़ते प्रभाव के कारण आने वाले वर्षों में वनडे क्रिकेट के मैचों की संख्या कम हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत बना रहेगा, खासकर भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों की सहायता से। पोंटिंग विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में अपनी सह-मालिक की भूमिका निभाएंगे।
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नितिन नागर। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा है कि आने वाले वर्षों में वनडे क्रिकेट के मुकाबलों की संख्या कम होना तय है। उन्होंने यह चिंता जताई है कि टी20 लीगों के बढ़ते दायरे के कारण वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे अपनी जगह खो सकता है।
पोंटिंग ने बताया कि वह वनडे क्रिकेट के बड़े प्रशंसक हैं और उन्हें यह फॉर्मेट खेलना बेहद पसंद था, लेकिन वर्तमान क्रिकेट कैलेंडर में बढ़ती फ्रेंचाइजी लीगों के चलते कुछ न कुछ कम करना होगा। उन्होंने कहा, "मुझे खेल का वह फॉर्मेट खेलना पसंद है, लेकिन कहीं न कहीं तो कुछ छोड़ना ही होगा। और जाहिर है, वह 50 ओवर का क्रिकेट ही होगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत बना रहेगा, खासकर तब तक जब तक भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश इसे बनाए रखना चाहते हैं। पोंटिंग ने कहा कि आने वाले वर्षों में वनडे मुकाबलों की संख्या कम होना तय है।
पोंटिंग ने विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल) से जुड़ने को लेकर उत्साह जताया और कहा कि इस लीग में भारत और पाकिस्तान जैसी टीमें खेलती हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बनी रहती है। उन्होंने बताया कि पिछले संस्करणों में खिलाड़ियों ने इस अनुभव का खूब आनंद लिया है और पुरानी प्रतिद्वंद्विताओं को दोबारा देखने का मौका मिलना खास है।
उन्होंने अपनी नई भूमिका के बारे में कहा कि इस बार वह खिलाड़ी या कोच की भूमिका में नहीं हैं, बल्कि पीछे बैठकर उस टीम को खेलते हुए देखेंगे, जिसमें वह सह-मालिक हैं। पोंटिंग ने कहा, "इस बार मेरे ऊपर दबाव थोड़ा कम है और यह अनुभव काफी मजेदार होने वाला है।"
उन्होंने बताया कि यह लीग उन खिलाड़ियों के लिए शानदार मंच है जो अभी भी उच्च स्तर पर खेल रहे हैं, लेकिन अपने करियर के आखिरी दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने डेविड वॉर्नर का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ियों के लिए यह लीग अपना खेल जारी रखने का बेहतरीन मौका है।
डेविड वॉर्नर को विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के तीसरे सीजन के लिए ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस का कप्तान बनाया गया है। कप्तान बनाए जाने के बाद वार्नर ने कहा, "खेल के मैदान पर वापसी करने, खेल के कुछ महान खिलाड़ियों के साथ खेलने और प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका देने से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।"
टीम के सह मालिक पुनीत सिंह ने कहा, "रिकी के हमारे साथ जुड़ने और डेविड के कप्तानी संभालने से हमें जबरदस्त अनुभव, नेतृत्व और ताकत मिली है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पोंटिंग ने अपनी नई लीग भूमिका के बारे में क्या कहा?
- उन्होंने बताया कि इस बार वे खिलाड़ी या कोच नहीं बल्कि सह-मालिक के रूप में टीम को देखेंगे।
- विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में भारत और पाकिस्तान की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
- इससे प्रतिस्पर्धा बनी रहती है और पुराने प्रतिद्वंद्विताओं को देखने का मौका मिलता है।
- डविड वॉर्नर के लिए यह लीग क्यों खास है?
- यह लीग उनके लिए करियर के आखिरी दौर में अपने खेल को जारी रखने का मौका है।
- पुनीत सिंह ने रिकी पोंटिंग और डेविड वॉर्नर के बारे में क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि दोनों की मौजूदगी टीम को अनुभव, नेतृत्व और ताकत देती है।
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