रामानंद सागर के पोते ने रामायण में रणबीर की कास्टिंग पर उठाए सवाल
शिव सागर ने कहा, ‘एनिमल’ के बाद रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं
रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर की भगवान राम की भूमिका पर असहमति जताई है और कहा है कि इस भूमिका के लिए नए चेहरे को चुनना बेहतर होता। रामलीला महासंघ ने फिल्म में विवादित सीन को लेकर चेतावनी दी है और भीड़ प्रदर्शन की संभावना जताई है। الفيلم की रिलीज़ 6 नवंबर 2026 तय की गई है।
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नई दिल्ली। रामानंद सागर के पोते और फिल्म निर्माता शिव सागर ने नितेश तिवारी की आने वाली फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में लेने पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि ‘एनिमल’ के बाद वह रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और नए चेहरे को इस भूमिका में लेना बेहतर होता।
शिव सागर ने कहा, “एक कास्टिंग को छोड़कर मुझे बाकी पूरी कास्टिंग बहुत पसंद है। आप बहुत मजबूत सपोर्टिंग कास्ट ले सकते हैं, जैसे यश बहुत अच्छे लग रहे हैं और साई पल्लवी भी बहुत अच्छी लग रही हैं। उन दोनों के साथ पिछली भूमिकाओं का इतना बोझ नहीं है। इसलिए हम आम तौर पर अपने सीरियल्स में नए चेहरे लेते हैं, ताकि उनकी कोई पिछली छवि या इतिहास न हो।"
उन्होंने बताया कि ‘रामायण’ के बाद क्या लोग रणबीर को फिर ‘एनिमल’ जैसी फिल्म में स्वीकार कर पाएंगे, इसीलिए वह रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। शिव सागर ने कहा, “जब मैं रामजी को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि किसी नए चेहरे को लिया जाना चाहिए था।"
उन्होंने कुछ कॉस्ट्यूम और कास्टिंग फैसलों पर भी असहमति जताई और कहा, “मुझे कुछ हिस्सों की कास्टिंग और कॉस्ट्यूम पसंद नहीं आए। उन्हें बेहतर किया जा सकता था।”
शिव सागर ने कहा, “खासकर जब बात रामजी और रामायण की आती है, तो लोग ज्यादा संवेदनशील और भावुक होते हैं। पश्चिमी देशों में इसे माइथोलॉजी कहा जाता है, भारत में भी इसे माइथोलॉजी कहा जाता है, लेकिन यह हमारा इतिहास है। राम हमारे इतिहास का हिस्सा हैं।”
‘रामायण: पार्ट 1’ नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही दो हिस्सों वाली फिल्म है, जिसका दुनियाभर में सिनेमाघरों में रिलीज शेड्यूल 6 नवंबर 2026 है।
फिल्म के ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे और ग्राफिक्स की आलोचना भी हुई है। रणबीर कपूर ने सफाई दी कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है।
श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर और प्रोडक्शन कंपनी को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि फिल्म में ऐसे सीन हो सकते हैं जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। महासंघ ने मांग की है कि फिल्म रिलीज से पहले उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। उन्होंने साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' का उदाहरण देते हुए कहा कि उस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था।
रामलीला महासंघ ने चेतावनी दी है कि विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
शिव सागर की राय इसलिए भी अहम मानी जाती है क्योंकि उनके दादा रामानंद सागर ने बेहद लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘रामायण’ बनाया था।
आखिरकार जनता ही राजा है, अगर रणबीर को दर्शक राम के रूप में स्वीकार करते हैं तो उनकी राय कोई मायने नहीं रखती
फिल्ममेकर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- शिव सागर ने रणबीर कपूर को राम क्यों नहीं स्वीकारा?
- शिव सागर को रणबीर की पिछली फिल्म 'एनिमल' की छवि के कारण उन्हें राम के रूप में स्वीकार करना मुश्किल लग रहा है।
- श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के प्रति क्या मांग की है?
- महासंघ ने फिल्म रिलीज से पहले अपने प्रतिनिधिमंडल को फिल्म दिखाने की मांग की है ताकि हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान हो सके।
- फिल्म के ट्रेलर पर आलोचना का क्या कारण है?
- ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे और ग्राफिक्स की आलोचना हुई है, और रणबीर कपूर ने इसे स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन का दोष दिया।
- रामानंद सागर और शिव सागर का ‘रामायण’ से क्या संबंध है?
- रामानंद सागर ने लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘रामायण’ बनाया था, और शिव सागर उनके पोते हैं जो इसी विरासत को लेकर अपनी राय दे रहे हैं।
- फिल्म मेकर्स ने दर्शकों से क्या अनुरोध किया है?
- मेकर्स ने फिल्म को बेहतर अनुभव के लिए IMAX 3D में देखने की सलाह दी है।
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