बीकानेर में ग्रामीणों का छह दिन से टंकी पर धरना जारी
चक 1 केजेडी सरकारी स्कूल में कमरे बनवाने की मांग को लेकर आंदोलन
बीकानेर के खाजूवाला में ग्रामीण और युवा छह दिन से टंकी पर धरना दे रहे हैं, वे सरकारी स्कूल में चार नए कमरे और प्रार्थना शेड की स्वीकृति की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने के कारण आंदोलन जारी है, तथा स्थानीय नेता ने समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों से पहल की मांग की है।
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बीकानेर। बीकानेर के खाजूवाला के चक 1 केजेडी स्थित सरकारी स्कूल में ग्रामीण और युवा छह दिन से टंकी पर धरना दे रहे हैं। वे स्कूल में चार नए कमरे और प्रार्थना शेड की स्वीकृति की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
पांच युवक पिछले तीन दिनों से पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं और भूखे-प्यासे अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि खाजूवाला पुलिस-प्रशासन और शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उच्च स्तर पर कोई वार्ता नहीं हुई है, जिससे नाराजगी बढ़ रही है।
ग्रामीणों और युवाओं की मुख्य मांग स्कूल में चार नए कमरे और एक प्रार्थना शेड की स्वीकृति देने की है। वे कहते हैं कि स्कूल में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इसी मांग को लेकर तालाबंदी कर आंदोलन शुरू किया गया था। प्रशासन की ओर से अब तक वार्ता नहीं होने के कारण धरना और टंकी पर युवाओं का आंदोलन जारी है।
नेता राजपाल सहारण ने कहा, "शिक्षा विभाग और पुलिस-प्रशासन आंदोलन को हल्के में ले रहा है। यदि जल्द ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान नहीं करते हैं, तो वह विद्यार्थियों के हित में टंकी से कूदने तक का कदम उठाने के लिए तैयार हैं।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- धरने की मुख्य वजह क्या है?
- ग्रामीण और युवा सरकारी स्कूल में सुविधाओं की कमी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
- क्या पुलिस या अधिकारी धरने स्थल पर पहुंचे हैं?
- आंदोलनकारियों ने कहा है कि पुलिस और शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
- नेता राजपाल सहारण का क्या कहना है?
- उन्होंने बताया कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो और कड़ा कदम उठाया जाएगा।
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