बाकरा पहाड़ी पर शिवलिंग स्थापना को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी
प्राचीन लालदास मंदिर के जीर्णोद्धार में बाधा, ग्रामीण अडिग
झुंझुनूं के बाकरा पहाड़ी स्थित प्राचीन लालदास मंदिर परिसर में शिवलिंग स्थापना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना आठवें दिन भी जारी है। ग्रामीण मंदिर के जीर्णोद्धार और शिवलिंग स्थापना में बाधा डाले जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से विवाद का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
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झुंझुनूं। झुंझुनूं के बाकरा पहाड़ी स्थित प्राचीन लालदास मंदिर परिसर में शिवलिंग स्थापना को लेकर विवाद बढ़ गया है। स्थानीय ग्रामीण आठवें दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर हैं और मंदिर के जीर्णोद्धार में किसी भी बाधा को स्वीकार नहीं करेंगे।
धरनास्थल पर सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। वे कहते हैं कि जहां गांव ने पाया लगाया है, वहीं शिवलिंग की स्थापना होगी। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को भेजकर धरना खत्म कराने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण अपने निर्णय पर अडिग हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय खनन लीजधारक मंदिर के जीर्णोद्धार और शिवलिंग स्थापना के कार्य में बाधाएं उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यों को रोकने के लिए प्रशासन के समक्ष बार-बार शिकायतें की जा रही हैं, जिससे निर्माण प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था और परंपरा का विषय है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में स्थित प्राचीन लालदास मंदिर वर्षों से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।
धरना शांतिपूर्ण है और तब तक जारी रहेगा जब तक मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य बिना बाधा पूरा नहीं हो जाता और निर्धारित स्थान पर शिवलिंग की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा नहीं हो जाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
धरने में सेवानिवृत्त तहसीलदार मनीराम खीचड़, विजेंद्र मील, रामचंद्र खीचड़, नरोत्तम थोरी, संदीप चाहर, रामेश्वर चाहर, हरिसिंह भालोठिया, लीलू भालोठिया, पुलकित चाहर, राकेश चाहर, रामचंद्र ढेवा, रामनिवास भालोठिया, सुरेश काजला, कर्मवीर चाहर, राजेंद्र रुयल, बाबूलाल शर्मा, सुरेंद्र खीचड़, रोहिताश खैरवा, निक्कू भालोठिया, आर्यन कुमावत, निवास भालोठिया, मुकेश चाहर, बंटी ढेवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- धरना कब से चल रहा है और कौन-कौन शामिल हैं?
- धरना आठवें दिन भी जारी है और इसमें सेवानिवृत्त तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं।
- ग्रामीण प्रशासन से क्या मांग कर रहे हैं?
- ग्रामीण प्रशासन से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।
- खनन लीजधारक द्वारा क्या समस्या उत्पन्न की जा रही है?
- खनन लीजधारक मंदिर के जीर्णोद्धार और शिवलिंग स्थापना के कार्यों में बाधाएं उत्पन्न कर रहा है।
- मंदिर का इतिहास या महत्व क्या है?
- लालदास मंदिर सदियों से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है और स्थानीय लोगों के लिए परंपरा का विषय है।
- धरने का स्वरुप कैसा है?
- धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण है और केवल मंदिर के जीर्णोद्धार व प्राण-प्रतिष्ठा के बाद समाप्त होगा।
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