पलवल में विधायक समेत सवर्ण समाज ने यूजीसी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन
मीनार गेट पर धरना, बाजार बंद, पुलिस ने सुरक्षा कड़ी की
पलवल में सवर्ण समाज और पूर्व विधायक नयनपाल रावत के नेतृत्व में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ मीनार गेट पर धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जिला व्यापार मंडल के आह्वान पर शहर के मुख्य बाजार बंद रहने के बीच शांतिपूर्ण तरीके से पूरे दिन चला। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए और नियमों को वापस लेने की मांग की गई।
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पलवल में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज ने मीनार गेट पर धरना दिया। इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक नयनपाल रावत समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। शहर के मुख्य बाजार बंद रहे और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।
प्रदर्शन सुबह दस बजे शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चला। जिला व्यापार मंडल के आह्वान पर शहर के मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे। मीनार गेट के समीप प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग की और इसे काला कानून करार दिया।
लोगों ने पोस्टर और बैनर हाथों में लेकर नियमों के विरोध में आवाज़ उठाई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और किसी जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि समानता और निष्पक्षता की मांग के लिए था। पुलिस ने मीनार गेट और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी थी। डीएसपी नरेंद्र खटाना के नेतृत्व में स्वैट टीम, डिटेक्टिव स्टाफ और एंटी-राइट उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी मौके पर मुस्तैद रहे।
प्रदर्शन के दौरान मंच से कई वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से समाज के एक बड़े वर्ग में चिंता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ये नियम विद्यार्थियों में वैमनस्य बढ़ाएंगे और कानून का दुरुपयोग होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों से चर्चा की जाए और इसे तुरंत वापस लिया जाए।
करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने भाजपा से जुड़े लोगों और पूर्व विधायक नयनपाल रावत को लेकर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिससे माहौल गर्म हो गया। नयनपाल रावत ने मंच पर आकर कहा कि यहां केवल मुद्दे की बात होनी चाहिए और व्यक्तिगत टिप्पणी से बचना चाहिए। इसके बाद अम्मू मंच छोड़कर चले गए और पत्रकारों से कहा कि भाजपा की चम्मचागिरी करने वालों को कार्यक्रम का आयोजन नहीं करना चाहिए था।
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास यातायात और भीड़ पर नजर रखी। किठवाड़ी चौक, बस अड्डा चौक और मीनार गेट के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई। आम लोगों को सुरक्षा के कारण बाजार की ओर आने से रोका गया और प्रदर्शनकारियों के वाहन पहले ही खड़े करवा दिए गए थे।
शहर के मीनार गेट, जवाहर नगर कैंप बाजार और बस स्टैंड बाजार को छोड़कर निजी कार्यालयों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल रही। लोग शो रूम से खरीदारी कर रहे थे या डिलीवरी एजेंसियों के जरिए समान मंगवा रहे थे।
जिला पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग के निर्देश पर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। नूंह के जिला पुलिस अधीक्षक को भी कार्यक्रम की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ड्यूटी दी गई थी।
यह नियम स्वर्ण समाज को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं हैं। यदि भाजपा सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
सूरजपाल अम्मू, करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रदर्शन किस स्थान पर हुआ था?
- प्रदर्शन पलवल के मीनार गेट पर हुआ था, जो शहर का एक प्रमुख स्थल है।
- यूजीसी के नए नियमों के विरोध का मुख्य कारण क्या था?
- प्रदर्शनकारी नियमों को काला कानून बताते हुए समानता और निष्पक्षता की मांग कर रहे थे।
- पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान क्या सुरक्षा उपाय किए?
- पुलिस ने बैरिकेडिंग की, स्वैट टीम, डिटेक्टिव स्टाफ और एंटी-राइट उपकरण से लैस पुलिसकर्मी तैनात किए।
- प्रदर्शन के दौरान किसी विवाद की स्थिति बनी क्या?
- करनी सेना के सूरजपाल अम्मू और नयनपाल रावत के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर माहौल गर्म हुआ।
- प्रदर्शन के कारण शहर की क्या स्थिति रही?
- बाजार बंद रहे, लेकिन निजी कार्यालयों और चौराहों पर सामान्य गतिविधि जारी रही।
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