बूंदी में 7 सितंबर शाम 5 बजे थमेगा चुनाव प्रचार
प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने का आज आखिरी दिन, 9 सितंबर को 60 वार्डों में मतदान
बूंदी में निकाय चुनाव के प्रचार 7 सितंबर शाम 5 बजे बंद हो जाएगा, उसके बाद लाउडस्पीकर, रैली और सभाओं पर पाबंदी रहेगी। मतदान 9 सितंबर को जिले के 60 वार्डों में होगा और मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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बूंदी। बूंदी में निकाय चुनाव के लिए प्रचार सोमवार शाम 5 बजे पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसके बाद लाउडस्पीकर, रैलियां और सभाओं पर पाबंदी रहेगी, उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर जनसंपर्क कर सकेंगे। 9 सितंबर को जिले के 60 वार्डों में मतदान होगा।
प्रशासन ने सभी दलों को नोटिस जारी कर दिया है कि प्रचार सोमवार शाम 5 बजे से बंद होगा। इसके बाद किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर, जुलूस, रैली या सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं होगी। उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से मिल सकेंगे।
प्रचार के अंतिम दिन सोमवार को अधिकांश प्रत्याशी रैलियों के जरिए शक्ति प्रदर्शन करेंगे। बूंदी जिले के 60 वार्डों में 9 सितंबर को मतदान होगा। मतदान केंद्र बनाए गए सरकारी और निजी स्कूलों में उस दिन अवकाश रहेगा। हालांकि, 8 सितंबर को स्कूल खुलेंगे या नहीं, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है। प्रशासन ने इन स्कूलों को 7 सितंबर से अधिगृहित कर लिया है और मतदान दल 8 सितंबर शाम को पहुंचेंगे।
चुनाव में टिकट विवाद और बागी उम्मीदवारों के कारण कई जगह कार्यकर्ताओं को बूथ पर बैठाना चुनौती बन गया है। कांग्रेस और भाजपा 80 वार्डों में अपने बूथ प्रतिनिधियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। कई कार्यकर्ता पार्टी के साथ नहीं हैं और बार-बार संपर्क के बावजूद काम करने को तैयार नहीं हो रहे। प्रत्याशियों को हर बूथ पर एजेंट बैठाने के लिए फॉर्म भरना होगा और एजेंट बनने वाले कार्यकर्ता के आधार कार्ड सहित कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। एक बार एजेंट बनने के बाद उसे बदला नहीं जा सकेगा।
शहर के अंदरूनी इलाकों में संकरी गलियों के कारण रैलियां निकालना मुश्किल हो रहा है। कई जगह सैकड़ों बाइक पहुंचने से रास्ते जाम हो रहे हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और आचार संहिता उल्लंघन पर नजर रखने के लिए उड़नदस्ते तैनात हैं।
मंगलवार को घर-घर जनसंपर्क के बाद बुधवार को मतदान होगा। मतदान केंद्रों पर स्कूलों में पोलिंग पार्टी शाम को पहुंचेगी, इसलिए सुबह स्कूल संचालित हो सकते हैं। निर्वाचन अधिकारी के पत्र में स्कूलों में छुट्टी का कोई जिक्र नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- चुनाव प्रचार के बंद होने के बाद उम्मीदवार क्या कर सकते हैं?
- उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से मिल सकते हैं और जनसंपर्क कर सकते हैं।
- क्या 9 सितंबर को मतदान केंद्रों में स्कूल बंद रहेंगे?
- मतदान के दिन स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन 8 सितंबर को स्कूल खुलेंगे या नहीं, इस पर स्पष्टता नहीं है।
- बूथ एजेंट बनने के लिए क्या औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी?
- आधार कार्ड सहित कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और एक बार एजेंट बनने के बाद उसे बदल नहीं सकेंगे।
- शहर के अंदरूनी इलाकों में रैलियां क्यों मुश्किल हो रही हैं?
- संकरी गलियों के कारण रैलियां निकालना कठिन हो रहा है और बड़ी संख्या में बाइक आने से रास्ते जाम हो रहे हैं।
- चुनाव में किन कारणों से बूथ पर कार्यकर्ताओं को बैठाना चुनौती बन गया है?
- टिकट विवाद और बागी उम्मीदवारों के कारण कई कार्यकर्ता पार्टी के साथ नहीं हैं और काम करने को तैयार नहीं हो रहे।
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