उदयपुर के हिरणमगरी में बिजली कटौती से लोग परेशान
शाम 4 बजे से बिजली बंद, अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए, स्थानीय लोग नाराज़
उदयपुर के हिरणमगरी सेक्टर-5 में शनिवार शाम से बिजली कटौती के कारण स्थानीय लोग प्रभावित हुए। बिजली आपूर्ति लगभग रात 1 बजे तक बहाल नहीं हो सकी और जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण नाराज़गी बढ़ी। मौके पर क्षेत्रीय नेता और पुलिस भी पहुंचे, जबकि लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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उदयपुर। उदयपुर के हिरणमगरी सेक्टर-5 में शनिवार शाम 4 बजे से बिजली बंद रहने से स्थानीय लोग परेशान और आक्रोशित हो गए। बिजली आपूर्ति रात करीब 1 बजे तक बहाल नहीं हो सकी। जिम्मेदार अधिकारियों का फोन न उठाना लोगों की नाराज़गी बढ़ाने का कारण बना।
स्थानीय लोगों ने अजमेर विद्युत वितरण निगम के एईएन, जेईएन और एसई स्तर के अधिकारियों को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने संपर्क नहीं किया। इस पर लोगों ने क्षेत्रीय नेताओं को फोन कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
नगर निगम चुनाव के निर्दलीय प्रत्याशी देवेंद्र माली भी रात को मौके पर पहुंचे और उन्होंने सभी अधिकारियों को फोन किए। महिलाओं ने बिजली बंद रहने पर गुस्सा जताया और कहा कि समस्या को चार बजे से ठीक कर देना चाहिए था ताकि अंधेरा न हो। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तत्काल निलंबन की मांग की।
देवेंद्र माली ने लाइनमैन से कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली शुरू करनी चाहिए थी। मौके पर हिरणमगरी पुलिस भी पहुंची और लोगों की बात सुनी।
लोगों ने लाइनमैन के मोबाइल से इंजीनियर्स को कॉल किया, लेकिन कोई रिसीव नहीं कर पाया। मौके पर राजेश पवार, सरिता राव, दीपक खोकर, सुनील पंवार, सुनील नकवाल, इंदु बाला, महेश मात्रेजा, मोहम्मद इम्तियाज और शक्ति सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बिजली क्यों बंद रही थी?
- ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी।
- स्थानीय लोग किसके साथ अपनी शिकायत साझा कर रहे थे?
- लोग क्षेत्रीय नेताओं और निर्दलीय प्रत्याशी देवेंद्र माली से मदद मांग रहे थे।
- पुलिस की क्या भूमिका रही?
- हिरणमगरी पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की बात सुनी।
- स्थानीय महिलाओं की क्या प्रतिक्रिया थी?
- महिलाओं ने बिजली देर से आने पर गुस्सा जताया और तत्काल निलंबन की मांग की।
- अधिकारी फोन क्यों नहीं उठा रहे थे?
- ज्ञात नहीं, लेकिन लोगों का कहना है कि सभी स्तर के अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए।
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