भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी को पुलिस ने सरेआम पीटा
गृह विभाग के 7 मई के सर्कुलर के बावजूद आरोपी की सार्वजनिक पिटाई का वीडियो वायरल
गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी फैजल लखानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर सार्वजनिक जगह पर रस्सियों से बांधकर डंडों से पीटा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह कार्रवाई राज्य सरकार के 7 मई के सर्कुलर के खिलाफ मानी जा रही है, जिसमें पुलिस को आरोपी की सार्वजनिक पिटाई से रोकने को कहा गया था। पुलिस ने बताया कि यह कदम महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
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गुजरात हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य गृह विभाग ने 7 मई को पुलिस को आरोपी की सार्वजनिक पिटाई से रोकने वाला सर्कुलर जारी किया था। इसके बावजूद भावनगर में हत्या के आरोपी फैजल लखानी को पुलिस ने उसी बस स्टैंड पर रस्सियों से बांधकर डंडों से पीटा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
पुलिस जांच में पता चला है कि मृतका काजल बरैया और आरोपी फैजल पिछले 7 वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। फैजल एक आदतन अपराधी है, जिस पर लूटपाट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। जेल से हाल ही में रिहा होने के बाद उसे काजल के किसी परिचित के साथ संबंध होने की भनक लगी। इसी वजह से गुरुवार को फैजल ने काजल और रवि पर हमला किया, जिससे काजल की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
नीलमबाग पुलिस ने शुक्रवार को फैजल को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को उसी बस स्टैंड पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए लाया, जहां उसने हमला किया था। वीडियो में पुलिसकर्मी फैजल को रस्सियों से बांधकर सड़क पर घसीटते और डंडों से पीटते दिखे।
नीलमबाग थानाधिकारी डीपी उनाडकट ने बताया कि आरोपी ने महिला पर सार्वजनिक जगह पर हमला किया था। उन्होंने बताया कि पुलिस की इस कार्रवाई से समाज में पुलिस का इकबाल कायम रहेगा और अपराधियों में खौफ पैदा होगा।
पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि यह राज्य सरकार के 7 मई के सर्कुलर के खिलाफ है। इस सर्कुलर में साफ कहा गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी आरोपी को सार्वजनिक जगह पर डंडे से नहीं पीटेगा, न उठक-बैठक कराएगा और न रेंगने पर मजबूर करेगा। आदेश में उल्लंघन करने पर संबंधित पुलिसकर्मी और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।
इस मामले में सूरत में पुलिस की सार्वजनिक पिटाई के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पुलिस हिरासत में आरोपी से इस तरह का व्यवहार सख्त प्रतिबंधित है। पुलिस की इस कार्रवाई से कानूनन विवाद हो सकता है, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह कदम महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
आरोपी ने महिला पर सार्वजनिक जगह पर हमला किया था और इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। ऐसे बेहद गंभीर मामलों में अपराधियों को कड़ा संदेश देना जरूरी हो जाता है।
डीपी उनाडकट, नीलमबाग थानाधिकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- फैजल लखानी ने काजल पर हमला क्यों किया?
- फैजल को काजल के किसी परिचित के साथ संबंध होने की भनक लगी थी, जिसने आरोपित को भड़का दिया।
- पुलिस ने आरोपी की सार्वजनिक पिटाई क्यों की?
- पुलिस का कहना है कि यह कदम महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
- राज्य सरकार के सर्कुलर में क्या निर्देश दिए गए थे?
- सर्कुलर में पुलिसकर्मियों को आरोपी को सार्वजनिक जगह पर डंडे से पीटने, उठक-बैठक कराने या रेंगने पर मजबूर करने से मना किया गया है।
- पुलिस पर इस कार्रवाई के क्या प्रभाव हो सकते हैं?
- सर्कुलर के उल्लंघन पर संबंधित पुलिसकर्मी और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
- इस घटना पर कोर्ट ने क्या कदम उठाए?
- गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत में पुलिस की सार्वजनिक पिटाई के खिलाफ स्वतः संज्ञान लिया।
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