पीएम मोदी ने ब्रिक्स में टेक्नोलॉजी और खनिजों के हथियारी इस्तेमाल पर चेतावनी दी
प्रधानमंत्री ने वैश्विक प्रगति में बाधा और ग्लोबल साउथ के विकास पर जोर दिया
प्रधानমন্ত্রী नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में तकनीक और जरूरी खनिजों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने पर चेतावनी दी और सभी देशों को साथ मिलकर तकनीक अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का सहयोग सरकारों के साथ-साथ उद्यमी, किसान, युवा और आम नागरिकों तक फैलाना चाहिए और इस मंच के माध्यम से वैश्विक दक्षिण के विकास में सहयोग बढ़ाना चाहिए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अंतिम सत्र में टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि इससे देशों की साझा प्रगति में बाधा आ सकती है और टेक्नोलॉजी को अपनाने में सभी को साथ लेकर चलना जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के विकासशील देश ब्रिक्स पर इसलिए भरोसा जताते हैं क्योंकि उनकी आवाज़ सुनी जाती है, उनके अनुभवों को महत्व दिया जाता है और समाधान उन पर थोपने की बजाय साझेदारी में बनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स की ताकत इसकी विविधता और सहयोग में है, जो अलग-अलग महाद्वीपों, संस्कृतियों और विकास यात्राओं को जोड़ता है।
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स प्लेटफॉर्म के जरिए दोस्ती, पार्टनरशिप और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का सहयोग सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उद्यमी, किसान, रिसर्चर, महिलाएं, युवा और आम नागरिक भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल हों।
उन्होंने बताया कि ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स को जोड़कर नवाचार को बढ़ावा देगा और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड नए और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को बढ़ावा देगा।
पीएम मोदी ने वैश्विक तनावों और आपूर्ति श्रृंखला पर ब्रिक्स देशों को आगाह करते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों का हथियार के रूप में इस्तेमाल साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने चीन की मौजूदगी में यह चेतावनी दी, जहां उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन यह संदेश बीजिंग के लिए माना जा रहा है क्योंकि चीन का वैश्विक खनिज आपूर्ति चेन में दबदबा है। उन्होंने बताया कि दुनिया में रेयर अर्थ रिफाइनिंग के 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर चीन का नियंत्रण है, जो उसे अहम टेक्नोलॉजी में ताकत देता है।
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में विकसित समाधान केवल ब्रिक्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरी मानवता को फायदा पहुंचाना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर सहयोग की अपील की।
ब्रिक्स सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के साथ 10 साझेदार देशों और पांच वैश्विक समूहों के नेता भी मौजूद थे। डब्लूटीओ, यूएन और डब्ल्यूएचओ जैसे संगठनों के प्रमुखों ने भी हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स की बढ़ती ताकत, आकर्षण और विश्वास इसका प्रमाण है। उन्होंने वैश्विक साउथ के लिए ब्रिक्स समाधानों पर जोर दिया और कहा कि यह मंच विकासशील और गरीब देशों को फायदा पहुंचाने में सक्षम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ब्रिक्स प्लेटफॉर्म का उद्देश्य क्या है?
- यह दोस्ती, पार्टनरशिप और सहयोग की भावना को बढ़ावा देता है।
- ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का क्या महत्व है?
- यह नए और बड़े स्तर पर लागू होने वाले समाधानों को बढ़ावा देता है।
- किसने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया?
- डब्लूटीओ, यूएन और डब्ल्यूएचओ जैसे वैश्विक संगठनों के प्रमुख भी मौजूद थे।
- पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी को लेकर क्या चुनौती जताई?
- उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को अपनाने में सभी को साथ लेकर चलना जरूरी है।
- ब्रिक्स के विकासशील देशों के लिए क्या खास बात है?
- वे ब्रिक्स पर भरोसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनकी आवाज़ सुनी जाती है और समाधान साझेदारी में बनाए जाते हैं।
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