पाली नगर निगम चुनाव में 65 वार्डों की मतगणना शुरू
बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर, शुरुआती नतीजे सामने आने लगे
पाली नगर निगम चुनाव के 65 वार্ডों में मतगणना शुरू हो गई है, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। अभी तक कांग्रेस ने 6 और बीजेपी ने 4 वार्डों पर जीत दर्ज की है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे हैं। अंतिम नतीजे नगर निगम के बोर्ड गठन और महापौर पद के लिए निर्णायक होंगे।
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डिजिटल डेस्क। पाली नगर निगम चुनाव के 65 वार्डों में 14 सितंबर को वोटों की गिनती शुरू हो गई है। करीब 4,774 वार्डों के मतदाताओं के बीच इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। शुरुआती रुझानों से सियासी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है।
मतगणना के हर राउंड पर दोनों प्रमुख दलों की नजर है। एक-एक वार्ड का नतीजा नगर निगम के बोर्ड गठन में अहम भूमिका निभा सकता है। इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंकी है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। खासतौर पर बीजेपी से टिकट नहीं मिलने वाले कुछ बागी उम्मीदवारों पर भी सबकी निगाह है।
अगर निर्दलीय प्रत्याशी बड़ी संख्या में जीतते हैं, तो नगर निगम में बहुमत का गणित बदल सकता है। पाली नगर निगम को इस बार महिला महापौर मिलने की संभावना है, जिससे महापौर पद को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
बीजेपी की ओर से वार्ड 33 की नमिता बुबकिया, वार्ड 23 की खुशबू लोढ़ा और वार्ड 1 की शारदा बोहरा महापौर पद की प्रमुख दावेदार मानी जा रही हैं। कांग्रेस की ओर से वार्ड 38 की राजबाला हिंगड, वार्ड 34 की सुमित्रा जैन और वार्ड 11 की लीला चौधरी संभावित दावेदार हैं।
मतगणना के दौरान वार्डवार नतीजे सामने आने लगे हैं। वार्ड नंबर 1 से शारदा बोहरा ने जीत दर्ज की है। वह बीजेपी नेता नरेश बोहरा की पत्नी हैं और पहली बार चुनावी मैदान में उतरी थीं। वार्ड नंबर 1 को बीजेपी का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है, इसलिए उनकी जीत पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है।
इसके बाद वार्ड 35 से कांग्रेस उम्मीदवार नगमा ने बाजी मारी, जबकि वार्ड 36 का परिणाम निर्दलीय उम्मीदवार रसीदा के पक्ष में रहा। अभी मतगणना के कई चरण बाकी हैं और अंतिम नतीजे के लिए पूरी गिनती पूरी होने का इंतजार करना होगा। अगले राउंड में वार्ड 41 की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली में जोरदार रोड शो कर बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की थी। इस चुनाव का परिणाम बीजेपी के कई बड़े नेताओं के लिए अहम माना जा रहा है। कांग्रेस के लिए भी पाली नगर निगम का चुनाव प्रतिष्ठा की बड़ी लड़ाई है। विधायक भीमराज भाटी समेत पार्टी के कई नेताओं की साख चुनावी नतीजों से जुड़ी हुई है।
अगर कांग्रेस पाली में अपना बोर्ड बनाने में सफल रहती है, तो इससे पार्टी के भीतर इन नेताओं का राजनीतिक प्रभाव मजबूत होगा। दूसरी ओर, बीजेपी के लिए भी पाली में जीत बरकरार रखना बड़ी चुनौती है।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर जारी है। शुरुआती रुझानों ने चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। दोनों प्रमुख दल फिलहाल दो-दो वार्डों में बढ़त बनाए हुए हैं। 11 सीटों के नतीजों में कांग्रेस ने 6 पर जीत दर्ज की है, बीजेपी 4 पर आगे है और एक सीट पर निर्दलीय ने जीत हासिल की है।
पाली नगर निगम के 65 वार्डों के नतीजे इस पूरे सियासी मुकाबले का फैसला करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- महापौर पद के प्रमुख दावेदार कौन हैं?
- बीजेपी से नमिता बुबकिया, खुशबू लोढ़ा, शारदा बोहरा; कांग्रेस से राजबाला हिंगड, सुमित्रा जैन, लीला चौधरी प्रमुख दावेदार हैं।
- निर्दलीय उम्मीदवारों का चुनाव में क्या प्रभाव हो सकता है?
- अगर निर्दलीय बड़ी संख्या में जीतते हैं, तो नगर निगम में बहुमत का गणित बदल सकता है।
- बीजेपी के लिए इस चुनाव की खास चुनौती क्या है?
- पाली में जीत बरकरार रखना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है।
- मतगणना के शुरुआती नतीजे क्या संकेत दे रहे हैं?
- शुरुआती रुझान दर्शाते हैं कि कांग्रेस और बीजेपी ने दो-दो वार्डों में बढ़त बनाई है।
- चुनाव प्रचार के दौरान कौन सा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया?
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली में जोरदार रोड शो कर बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाया।
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