कांग्रेस में टिकट वितरण विवाद, 17 प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न नहीं माने गए
पूर्व नेता प्रतिपक्ष संजय पेड़ीवाल ने निजी हितों से साजिश का आरोप लगाया
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न स्वीकार नहीं किए जाने को लेकर विवाद हुआ है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष संजय पेड़ीवाल ने इसे कांग्रेस के अंदरूनी साजिश बताया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशियों ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।
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भीलवाड़ा। भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न समय पर स्वीकार नहीं किए गए। पूर्व नेता प्रतिपक्ष संजय पेड़ीवाल ने इस मामले को कांग्रेस के अंदरूनी साजिश बताया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि इस बार 8 प्रतिशत वोटों का स्विंग कांग्रेस के पक्ष में होता तो पार्टी भाजपा से आगे निकल जाती। पेड़ीवाल ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए और पूरे प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को मामले की जानकारी भेजी है।
पेड़ीवाल ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश नेतृत्व दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता तो वे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व तक मामला पहुंचाएंगे। उन्होंने चुनाव से पहले भीलवाड़ा जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरने की भी घोषणा की।
कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना दुबे ने राज्य निर्वाचन आयोग सहित अन्य के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि चुनाव चिह्न तीन बजे से पहले रिटर्निंग ऑफिसर के पास पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका की कॉपी संबंधित अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष के वकीलों को अगली सुनवाई तक अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत ने कार्यालय को वकीलों के नाम कॉज लिस्ट में दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे तय समय पर चुनाव चिह्न लेकर पहुंचे थे, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें लेने से साफ इनकार कर दिया। अधिकारी का कहना है कि चुनाव चिह्न जमा कराने की समय-सीमा खत्म हो चुकी थी। इस कारण कांग्रेस के सभी 17 प्रत्याशी चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए।
इस मामले के बाद कांग्रेस के अंदर संगठन की लापरवाही और प्रत्याशियों तक चुनाव चिह्न पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।
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संजय पेड़ीवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष
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