डूंगरपुर में श्रीगौड़ ब्राह्मण समाज का नया भवन बना
सवा करोड़ रुपए की लागत से तैयार भवन का शतायु पार बुजुर्ग ने किया उद्घाटन
डूंगरपुर के ब्रह्मस्थली कॉलोनी में श्रीगौड़ ब्राह्मण समाज का नया भवन बनकर तैयार हुआ है, जिसका उद्घाटन शंकरलाल पंड्या ने किया। इस भवन का उपयोग सामाजिक कार्यक्रमों और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। उद्घाटन के दौरान समाज की 25 प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।
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डूंगरपुर। डूंगरपुर के ब्रह्मस्थली कॉलोनी में श्रीगौड़ ब्राह्मण समाज बारा चोखला का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। रविवार को समाज के शतायु पार बुजुर्ग शंकरलाल पंड्या ने इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर समाज की 25 प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।
समाज अध्यक्ष रामेश्वर त्रिवेदी ने बताया कि कार्यकारिणी बनने के बाद सबसे पहला काम समाज का अपना भवन बनाना था। भूमि की रजिस्ट्री करवाने के बाद भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ, जिसमें समाज के भामाशाहों ने सहयोग दिया।
यह भवन सामाजिक कार्यक्रमों और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में महंगे भवन या होटल के खर्च को बचाने के उद्देश्य से बनाया गया है। भवन के ऊपर चार कमरे और एक हॉल बनाने की योजना है, जिससे भविष्य में छात्रों के लिए लाइब्रेरी विकसित की जा सके।
उद्घाटन के दौरान यजमान नरेंद्र रावल ने परिवार के साथ सत्यनारायण देव की पूजा अर्चना की। पंडित संजय पंड्या ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया, फिर सभी ने भगवान की आरती में आहुति दी।
समाज के शतायु पार बुजुर्ग शंकरलाल पंड्या ने रिबन काटकर भवन का लोकार्पण किया। मंचासीन रहे समाज के अध्यक्ष, संरक्षक, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ सदस्य।
कार्यक्रम में समाज की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाली 25 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र और शैक्षिक सामग्री देकर सम्मानित किया गया। उपकोषाध्यक्ष नरेश भट्ट, अनिल गामोठ, भूपेंद्र गामोठ, प्रशांत पंड्या समेत बड़ी संख्या में समाज के पुरुष, महिलाएं और युवा मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह भवन क्यों बनाया गया है?
- यह भवन महंगे भवन या होटल के खर्च को बचाने के लिए बनाया गया है।
- भवन निर्माण कैसे शुरू हुआ?
- भूमि की रजिस्ट्री के बाद समाज के भामाशाहों के सहयोग से निर्माण शुरू हुआ।
- स्वागत समारोह में कौन-कौन शामिल थे?
- समाज के अध्यक्ष, संरक्षक, सचिव, कोषाध्यक्ष और कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद थे।
- सम्मानित प्रतिभाओं का चयन कैसे हुआ?
- 10वीं और 12वीं बोर्ड में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाली प्रतिभाओं को चुना गया।
- उद्घाटन समारोह में पूजा कौन करता रहा?
- यजमान नरेंद्र रावल ने पूजा की, पंडित संजय पंड्या ने वैदिक मंत्रोच्चार किया।
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