नौतनवा में राणी सती दादी की निशान यात्रा निकली
भादो अमावस्या पर मंदिर परिसर में कलश-निसान अर्पित, भजन संध्या में श्रद्धालु झूमे
नौतनवा में भादो अमावस्या के मौके पर राणी सती दादी की निशान यात्रा निकाली गई, जिसमें कलश और निसान अर्पित किए गए और मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन हुआ। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और फल की व्यवस्था की गई, जबकि भजन गायिका जूली खंडेलवाल और स्थानीय गायकों ने शाम को भजन संध्या का संचालन किया।
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नौतनवा। नौतनवा में भादो अमावस्या के अवसर पर राणी सती दादी की निशान यात्रा निकाली गई। यात्रा में कलश और निसान अर्पित किए गए और मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन हुआ। श्रद्धालु देर रात तक भजनों पर नाचते रहे।
यात्रा मंदिर परिसर पहुंची, जहां कलश और निसान अर्पित किए गए। शाम को विभिन्न पुष्पों से दादी जी का अलौकिक श्रृंगार किया गया और अखंड ज्योति की पूजा के बाद भक्तों ने ज्योत ली।
देर शाम रानीगंज की भजन गायिका जूली खंडेलवाल और स्थानीय गायकों ने गणेश वंदना से भजन संध्या का शुभारंभ किया। इसके बाद देर रात तक भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नाचते रहे।
शोभायात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह संगठनों द्वारा पेयजल, शर्बत और फल की व्यवस्था की गई थी तथा कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद गोयनका, अरुण झुनझुनवाला, नथमल अग्रवाल, छेदी तुलस्यान, आलोक अग्रवाल, सत्यनारायण भोजगढ़िया, अनिल खेमका, संदीप सांवरिया, अनिल चौधरी, गोपाल अग्रवाल, रामचंद्र अग्रवाल, पुनीत गोयनका, संदीप कटेसरिया, संजय झुनझुनवाला, बृजमोहन अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, अनिल भिवानीवाला, संजय कथूरिया और निर्मल अग्रवाल सहित कई लोग उपस्थित थे।
यात्रा के दौरान महिलाओं की टोली कीर्तन व जयकारों के बीच थिरकती हुई चल रही थी, जिनके भक्तिमय जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राणी सती दादी का श्रृंगार कैसे किया गया?
- शाम को विभिन्न पुष्पों से दादी जी का अलौकिक श्रृंगार किया गया और अखंड ज्योति की पूजा की गई।
- कौन-कौन मंदिर कमेटी में उपस्थित थे?
- द्वारका प्रसाद गोयनका, अरुण झुनझुनवाला, नथमल अग्रवाल, छेदी तुलस्यान सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।
- महिलाओं की टोली यात्रा में कैसे थी?
- महिलाओं की टोली कीर्तन व जयकारों के बीच थिरकती हुई चल रही थी, जिससे पूरा नगर गुंजायमान हो उठा।
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