मोदी ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे के तीन खंडों का उद्घाटन किया
नवी मुंबई से दादरी तक 2,800 किलोमीटर लंबा गलियारा देश के व्यापार को मजबूती देता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे (पश्चिम) के तीन खंडों का उद्घाटन किया, जो नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है। यह गलियारा देश के व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है और माल एवं यात्री ट्रेनों की गति में सुधार लाता है। मोदी ने इस परियोजना के विकास की प्रक्रिया और उसकी समयसीमा के बारे में भी जानकारी दी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे (पश्चिम) के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया। यह गलियारा नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है और देश के व्यापार और कारोबार की रीढ़ बन रहा है।
मोदी ने कहा कि समर्पित माल ढुलाई गलियारे तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा हैं। उन्होंने बताया कि पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही रेल पटरी पर चलना पड़ता था, जिससे दोनों की रफ्तार धीमी होती थी, लेकिन अब समर्पित माल ढुलाई गलियारे ने इस स्थिति को बदल दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "2,800 किलोमीटर लंबा समर्पित माल ढुलाई गलियारा इस बात का प्रमाण है कि पिछले 12 वर्ष में देश की कार्यसंस्कृति किस तरह बदली है।" उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, "अब नाराज फूफा चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा? फूफा को अब कुछ काम मिल गया है।"
मोदी ने बताया कि 2014 के बाद जब वे दिल्ली पहुंचे तो उन्होंने इस परियोजना के काम में तेजी लानी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए 2006 में एक विशेष कंपनी बनाई गई थी, लेकिन 2014 तक फाइलें एक जगह से दूसरी जगह घूमती रहीं। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से इन फाइलों की किस्मत में भी कोई समर्पित गलियारा नहीं था। फाइलें कहीं अटक जाती थीं, कहीं पड़ी रहती थीं और इधर-उधर भटकती रहती थीं।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- समर्पित माल ढुलाई गलियारा क्यों जरूरी था?
- पहले यात्री और मालगाड़ियां एक ही पटरी पर चलती थीं, जिससे रफ्तार धीमी हो जाती थी। इससे व्यापार प्रभावित होता था।
- माल ढुलाई गलियारे की शुरुआत कब हुई थी?
- इस परियोजना के लिए 2006 में एक विशेष कंपनी बनाई गई थी लेकिन सक्रियता 2014 के बाद बढ़ी।
- गलियारे की लंबाई कितनी है?
- गलियारा लगभग 2,800 किलोमीटर लंबा है, जो देश की कार्यसंस्कृति को दर्शाता है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान क्या कहा?
- उन्होंने बदलावों और परियोजना के पीछे की बाधाओं का जिक्र करते हुए काम में तेजी की आवश्यकता पर जोर दिया।
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