अमेरिका ने ईरान से बचने में मदद पर देशों को दी चेतावनी
पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति की मुलाकात के बाद अमेरिका ने व्यापार समझौते पर जताई चिंता
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने देशों को चेतावनी दी है कि वे ईरान की मदद करने से बचें, जिससे वह प्रतिबंधों को छलकर आतंकवाद या परमाणु हथियारों को बढ़ावा दे सके। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की मुलाकात के दौरान भारत और ईरान ने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों पर चर्चा की और चाबहार बंदरगाह परियोजना को लेकर बातचीत जारी रखने की सहमति जताई।
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यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की है।
अमेरिका की चेतावनी और रुबियो का बयान
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी देश को ऐसे तरीके बनाने में मदद नहीं करनी चाहिए जिससे ईरान अपनी कमाई बढ़ाकर आतंकवाद को बढ़ावा दे सके या परमाणु हथियार बना सके। रुबियो ने कहा, "अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाने होंगे।" यह बयान भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों के बीच आया है।
रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के प्रयासों में किसी भी तरह की मदद को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा।
पीएम मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। यह फरवरी में शुरू हुए ईरान-अमेरिका संघर्ष के बाद दोनों नेताओं की पहली द्विपक्षीय बैठक थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन को दोहराया और क्षेत्र में जारी संघर्ष तथा आम नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा की।
पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि भारत अपने व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल कर बातचीत को बढ़ावा दे और संघर्ष खत्म करने में मदद करे। भारत ईरान और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चाबहार बंदरगाह के भविष्य को लेकर भी बातचीत जारी रखे हुए है, जो दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इस परियोजना को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
नई दिल्ली लगातार यह रुख दोहराता रहा है कि पश्चिम एशिया के विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। साथ ही भारत अपने व्यापार, कनेक्टिविटी और व्यापक रणनीतिक हितों की सुरक्षा पर भी जोर दे रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन का रुख साफ कर दिया है कि देशों को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के तरीके खोजने में मदद नहीं करनी चाहिए.
मार्को रुबियो, अमेरिका के विदेश मंत्री
भारत ईरान के साथ अपने व्यापार को बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहता है.
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
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