दिल्ली और पंजाब में मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए गए
दिल्ली में 47.5 लाख और पंजाब में 20.66 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर
दिल्ली और पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत, क्रमशः 47.5 लाख और 20.66 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। यह प्रक्रिया 31 अगस्त से 30 सितंबर तक चली, जिसमें आपत्तियों और दावों के लिए संबंधित फॉर्म जमा किए जा सकते थे। पंजाब में, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी हटाया गया है, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई है।
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नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 47.5 लाख से अधिक नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। पंजाब में भी इसी प्रक्रिया के दौरान 20.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिसमें राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी शामिल है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 31 अगस्त तक कुल 2,14,534 फॉर्म-6 जमा किए गए थे, जबकि एक सितंबर को 3,605 और फॉर्म जमा हुए। दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी। इस दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, हटाने या पते में बदलाव के लिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 जमा किए जा सकते हैं।
सभी 13 जिलों में सबसे अधिक नाम हटाने की आपत्तियां दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से आईं, जहां 14,663 आपत्तियां दर्ज हुईं। इसके बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली से 32,783, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 30,581, दक्षिणी दिल्ली से 26,331 और पश्चिमी दिल्ली से 25,387 फॉर्म जमा किए गए। मसौदा मतदाता सूची से कुल 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि दिल्ली में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 1.45 करोड़ है। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
मसौदा सूची से हटाए गए मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले नामों सहित अन्य श्रेणियों में रखा गया है। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि मसौदा सूची में नाम वाले 33 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।
पंजाब में भी मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी है। इस दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाया गया है। चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया है कि उनकी वोट को कटाने की साजिश की जा रही है, जबकि पार्टी ने कहा है कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधीन है और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
एसआईआर प्रक्रिया के तहत पंजाब में अब तक 20.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं, जो राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 9.7 प्रतिशत है।
चड्ढा की वोट पहले दिल्ली के राजिंदर नगर में दर्ज थी, जिसे बाद में मोहाली में स्थानांतरित किया गया था। 2024 के चुनावों के दौरान उन्होंने मोहाली में मतदान किया था। यदि उनका नाम ड्राफ्ट सूची से हट जाता है, तो उनकी राज्यसभा सदस्यता पर सवाल उठ सकता है।
एसआईआर प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी, और 12 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आपत्तियों और दावों का निपटान किया जाएगा। मतदाता फॉर्म-6 भरकर पुनः नाम सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हटाए गए 43 लाख से अधिक मतदाता अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी में आते हैं
निर्वाचन अधिकारी
यदि मतदाताओं के विवरण का 2002 की दिल्ली एसआईआर से मिलान नहीं हो पाया या गणना फॉर्म में उनके व्यक्तिगत विवरण में कोई विसंगति पाई गई, तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा
निर्वाचन अधिकारी
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