मनोज प्रभाकर ने लगाया कपिल देव पर मैच फिक्सिंग का आरोप, BCCI ने किया पांच साल का बैन
दिल्ली के हरफनमौला खिलाड़ी मनोज प्रभाकर का करियर एक वर्ल्ड कप मैच के बाद खत्म हुआ
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर ने कपिल देव पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन्हें पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया। सीबीआई ने प्रभाकर के दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पाया। प्रभाकर ने अपने करियर में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दिया था।
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ऑलराउंडर। दिल्ली के हरफनमौला क्रिकेटर मनोज प्रभाकर ने भारतीय टीम में लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया। 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले प्रभाकर ने 1994 में कानपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक वर्ल्ड कप मैच में धीमी बल्लेबाजी के कारण विवादों में आ गए। बाद में उन्होंने कपिल देव पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन्हें पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
मनोज प्रभाकर ने टीम इंडिया में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दिया। 1989 में पाकिस्तान दौरे पर कराची और फैसलाबाद में उन्होंने महत्वपूर्ण विकेट लिए और टीम में अपनी जगह पक्की की। वह न्यू बॉल स्पेशलिस्ट के रूप में उभरे और बाद में ओपनर की भूमिका भी निभाई। उनके टेस्ट करियर में 32.65 की औसत से 1,600 रन और 96 विकेट शामिल हैं। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उन्होंने 7,469 रन और 385 विकेट हासिल किए।
1994 के वर्ल्ड कप मैच में, जब भारत 258 रन का पीछा कर रहा था, प्रभाकर ने 154 गेंदों पर 102 रन बनाए लेकिन धीमी बल्लेबाजी की। भारत 211/5 रन पर ही मैच 46 रन से हार गया। इस प्रदर्शन ने उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव डाला। बाद में उन्होंने कपिल देव पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया, लेकिन सीबीआई ने उनके दावे को साबित करने के लिए कोई भरोसेमंद सबूत नहीं पाया। इसके बाद बीसीसीआई ने प्रभाकर को पांच साल के लिए निलंबित कर दिया।
प्रभाकर ने श्रीलंका के खिलाफ दिल्ली में सचिन तेंदुलकर के साथ ओपनिंग की, लेकिन वह 36 गेंदों पर केवल सात रन ही बना पाए। बाद में इंग्लैंड दौरे पर उन्हें टीम में जगह नहीं मिली और उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उनका करियर विवादों और जांच के दौर से गुजरा, लेकिन उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन जारी रखा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बीसीसीआई ने मनोज प्रभाकर के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
- बीसीसीआई ने मैच फिक्सिंग के आरोपों के बाद उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया।
- क्या मनोज प्रभाकर के मैच फिक्सिंग के आरोप साबित हुए?
- सीबीआई ने उनके दावे को साबित करने के लिए कोई भरोसेमंद सबूत नहीं पाया।
- मनोज प्रभाकर ने अपने करियर में किस तरह की भूमिका निभाई?
- उन्होंने न्यू बॉल स्पेशलिस्ट के रूप में शुरुआत की और बाद में ओपनर की भूमिका भी निभाई।
- मनोज प्रभाकर का क्रिकेट से संन्यास कब हुआ?
- इंग्लैंड दौरे पर टीम में जगह ना मिलने के बाद उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
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