खंडार-नायपुर सड़क का 40 प्रतिशत काम अधूरा, 11 हजार लोग परेशान
सवाईमाधोपुर के 12 गांवों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण एक साल से धीमा
सवाईमाधोपुर के खंडार से नायपुर ग्राम पंचायत conectar करने वाली 17 किलोमीटर लंबी सड़क का केवल 40 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जिससे करीब 12 गांवों की 11 हजार आबादी प्रभावित हो रही है। निर्माण में देरी के कारण ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने संबंधित विभाग से कार्य तेज करने की मांग की है।
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सवाई माधोपुर। सवाईमाधोपुर के खंडार से नायपुर ग्राम पंचायत को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले एक साल से अधूरी और जर्जर हालत में है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण करीब 12 गांवों की 11 हजार आबादी रोजाना परेशानियों का सामना कर रही है।
इस सड़क का निर्माण करीब 17 किलोमीटर लंबा है, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी केवल 40 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पुरानी सड़क को खोदकर नई सड़क बनाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन तब से निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है।
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और रोजाना खंडार आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। जर्जर सड़क के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और लोगों को जोखिम भरा सफर करना पड़ता है। बारिश के दौरान सड़क की हालत और खराब हो जाती है।
यह मुख्य मार्ग तीन ग्राम पंचायतों के करीब 12 गांवों को जोड़ता है, जिनकी लगभग 11 हजार की आबादी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रही है। ग्रामीण रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इस मार्ग का रोजाना उपयोग करते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की स्थिति को लेकर कई बार समाचार-पत्रों के माध्यम से मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन को समस्या से अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
उन्होंने मांग की है कि संबंधित विभाग सड़क निर्माण में शीघ्र तेजी लाकर इसे पूरा करे ताकि प्रभावित गांवों और लोगों को राहत मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- खंडार-नायपुर सड़क की खराब हालत से कौन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
- विद्यार्थी और रोजाना खंडार आने-जाने वाले ग्रामीण सड़क की बदहाल स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
- इस सड़क का उपयोग लोग किन कामों के लिए करते हैं?
- ग्रामीण इस मार्ग का रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए रोजाना उपयोग करते हैं।
- क्या स्थानीय प्रशासन ने सड़क की समस्या के बारे में सुना है?
- ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन को समस्या से अवगत कराया है, लेकिन निर्माण में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
- सड़क का निर्माण कब शुरू हुआ था?
- सड़क की निर्माण प्रक्रिया पुरानी सड़क को खोदकर नई सड़क बनाने के काम के साथ शुरू हुई थी।
- ग्रामीणों की मांग क्या है regarding सड़क निर्माण?
- ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग सड़क निर्माण में शीघ्र तीव्रता लाए ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिले।
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