रामदेवराबेट्टा को दक्षिण के अयोध्या के रूप में विकसित करना चाहते हैं कर्नाटक के मंत्री
कर्नाटक सरकार रामदेवराबेट्टा को दक्षिण भारत की अयोध्या के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। मंत्री अश्वथ नारायण ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 19 एकड़ क्षेत्र में श्रीराम मंदिर बनाने और इसे प्रमुख पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का आग्रह किया है, जिसमें गिद्ध संरक्षित क्षेत्र को भी शामिल करने की बात कही गई है।
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बेंगलुरू, 22 दिसंबर ()। बोम्मई सरकार कर्नाटक के रामनगर जिले के रामदेवराबेट्टा को दक्षिण की अयोध्या के रूप में विकसित करने पर विचार कर रही है। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
एक मंत्री द्वारा लिखे गए पत्र के बाद यह ब्यान आया, जिसमें जगह को विकसित करने का आग्रह किया गया था।
डॉ. सी.एन. रामनगर के जिला प्रभारी मंत्री और उच्च शिक्षा, आईटी और बीटी मंत्री अश्वथ नारायण ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और मुजरई मंत्री शशिकला जोले, नारायण को पत्र लिखकर मांग की है कि रामदेवराबेट्टा को दक्षिण भारत की अयोध्या के रूप में विकसित किया जाए।
सूत्रों ने कहा कि रामदेवराबेट्टा में मुजरई विभाग की 19 एकड़ जगह का उपयोग कर श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
अश्वथ नारायण ने पत्र में यह भी कहा कि यह स्थान देश में एक प्रमुख गिद्ध संरक्षित क्षेत्र है, जो संस्कृति को चित्रित करने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से अयोध्या में श्री राम मंदिर की तर्ज पर रामदेवराबेट्टा में मंदिर बनाने के लिए एक विकास समिति गठित करने का भी आग्रह किया।
क्षेत्र के लोगों में एक ²ढ़ विश्वास है कि सुग्रीव (रामायण) ने रामदेवराबेट्टा को स्थापित किया था। जिले के लोगों की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए भाजपा रामदेवराबेट्टा को हेरिटेज व आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार कर रही है।
रामदेवराबेट्टा बेंगलुरु-मैसूर राजमार्ग पर बेंगलुरु से 50 किमी की दूरी पर स्थित है।
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