चित्तौड़गढ़ में भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द न होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन
पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया
चित्तौड़गढ़ में भाजपा प्रत्याशी रमेश चंद्र मीणा का नामांकन रद्द न होने पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया, राजनीतिक दबाव और पक्षपात का आरोप लगाया। कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के खिलाफ जांच की मांग की और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की अपील की है, वहीं, उन्होंने एडीएम एवं रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की भी मांग की।
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चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के वार्ड 34 में भाजपा प्रत्याशी रमेश चंद्र मीणा का नामांकन रद्द न होने पर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक दबाव और पक्षपात का आरोप लगाया। कांग्रेस ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और जांच की मांग की है।
नामांकन विवाद और आपत्ति
कांग्रेस प्रत्याशी शांतिलाल ने रमेश चंद्र मीणा के खिलाफ कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले से जुड़े दस्तावेज रिटर्निंग ऑफिसर के सामने पेश किए थे। इसमें एफआईआर और चार्जशीट की प्रमाणित प्रतियां भी शामिल थीं। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला 2022 का अपहरण का है, जिसमें 5 से 7 साल की सजा का प्रावधान है, इसलिए भाजपा प्रत्याशी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं। बावजूद इसके नामांकन निरस्त नहीं किया गया।
पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बार-बार बाहर जाकर सलाह ली गई, जिससे प्रक्रिया और फैसले पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे जिलों में ऐसे मामलों में नामांकन निरस्त किए गए हैं, लेकिन चित्तौड़गढ़ में अलग फैसला लिया गया। राजनीतिक दबाव में नियमों का समान पालन नहीं हुआ।
प्रदर्शन और मांगें
नामांकन रद्द न होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर पर पक्षपात का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर डॉ. मंजू से मुलाकात की और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने एडीएम एवं रिटर्निंग ऑफिसर राजलक्ष्मी गहलोत को हटाने और उनकी भूमिका की जांच कराने की भी मांग रखी।
कांग्रेस ने इस मामले में एसपी को लिखित शिकायत दी और जांच की मांग की है। राज्य चुनाव आयोग को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए जमा हुए नामांकन फॉर्म की मंगलवार को स्क्रूटनी के दौरान बीजेपी, कांग्रेस के पदाधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसर के बीच विवाद हुआ।
सरकारी अधिकारियों को संविधान और कानून के अनुसार काम करना चाहिए, ताकि किसी भी राजनीतिक दल को पक्षपात का आरोप लगाने का मौका नहीं मिले
सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, पूर्व विधायक
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