जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री के पैर छूने पर हंगामा
वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशियों ने अपनाए अनोखे तरीके, कई जगह विवाद भी हुआ
जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छूने को लेकर हंगामा हुआ, जिसमें मतदाता और चुनाव एजेंट शामिल थे। चुनावी माहौल में कई स्थानों पर मतदाताओं ने नेताओं के प्रति विरोध जताया और चुनावी रणनीतियों पर सवाल उठाए।
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जोधपुर। जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छूने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कई मतदाताओं ने इस दौरान विरोध जताया और हंगामा किया। चुनावी माहौल में वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशियों ने अलग-अलग हथकंडे अपनाए।
जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत परिवार के साथ वोट डालने गए थे। वहां एक के बाद एक कुछ लोगों ने उनके पैर छू लिए। इस पर भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक ने आरोप लगाया कि पोलिंग पार्टी के कर्मचारी ने पैर छुए हैं।
वहीं, जालोर में एक कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष विकास के काम गिनाने लगे, तब एक युवक मंच पर चढ़कर सीधे माइक में उन्हें खरी-खरी सुनाने लगा। इस दौरान नेताजी के आस-पास बैठे अतिथिगण शांति बनाए रखने की अपील करते रहे।
भरतपुर में पहली बार वोटर ने प्रत्याशियों को खरी-खरी सुनाई। कोटा की स्वराज एनक्लेव कॉलोनी में मतदाताओं ने बताया कि नालियां खराब हैं और सड़क की हालत दयनीय है, जबकि चुनाव के वक्त नेता वोट लेकर चले जाते हैं।
जयपुर के वार्ड 67 में कांग्रेस प्रत्याशी ने लड़कियों को गोलगप्पे खिलाकर वोटरों को रिझाने की कोशिश की। कोटा के वार्ड 54 में कुछ लोग थैले भर-भर कर मोहल्ले में गिफ्ट बांटते पाए गए, जिस पर एक जागरूक व्यक्ति ने सवाल उठाया कि यह गिफ्ट है या रिश्वत।
वार्ड 55 में एक वैन आई और दावा किया गया कि कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में कट्टे बांटे जा रहे हैं। इस पर भी मतदाताओं में विरोध देखने को मिला।
जोधपुर में बूथ पर पूर्व मुख्यमंत्री के पैर छूने पर हंगामा हुआ, जिसमें एक वोटर, एक निर्दलीय प्रत्याशी का बूथ एजेंट और एक चुनाव एजेंट शामिल थे।
वोटरों को लुभाने के लिए नेतागण कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन जनता अगर भरी बैठी हो तो लंबी डींगें नहीं हांकनी चाहिए। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि जनता के सेवक से अधिक कुछ नहीं होते।
चुनाव के दौरान कहीं मारा थप्पड़ भी पड़ा, तो कहीं पैर छूने पर विवाद हुआ। यह चुनाव आसान नहीं है, बल्कि एक आग का दरिया है जिसमें डूबना पड़ता है।
इस तरह के चुनावी हालात में कसरत सफल होगी या नहीं, यह परिणाम के दिन ही पता चलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अशोक गहलोत के पैर छूने पर विवाद क्यों हुआ?
- पैर छूने की घटना को लेकर भाजपा के प्रदेश संयोजक ने पोलिंग पार्टी के कर्मचारी पर आरोप लगाए।
- जालोर में मंच पर युवा ने क्या किया?
- युवक ने मंडल अध्यक्ष के कार्यों को लेकर सीधे माइक में आलोचना की, जबकि अन्य ने शांति बनाए रखने की अपील की।
- मतदान के दौरान मतदाताओं की क्या प्रतिक्रियाएं थीं?
- कुछ मतदाताओं ने प्रदर्शन किया, विरोध जताया और नालियों तथा सड़कों की खराब स्थिति की शिकायत की।
- कांग्रेस प्रत्याशी वोटरों को कैसे लुभा रहे थे?
- जयपुर में लड़कियों को गोलगप्पे खिलाए गए और कोटा में गिफ्ट बांटे गए, जिससे रिश्वत के आरोप उठे।
- चुनावी माहौल का समग्र वर्णन क्या है?
- चुनावों को आग के दरिया से तुलना की गई है, जहां विरोध और हिंसा भी देखने को मिलती है।
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