जापान की JCR ने भारत की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर A- किया
मजबूत बैंकिंग सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से आर्थिक विकास को बढ़ावा
जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी JCR ने भारत की लॉन्गटर्म जारीकर्ता रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया है, और आउटलुक 'स्टेबल' रखा है। एजेंसी ने भारत की आर्थिक मजबूती के लिए निजी खपत, सार्वजनिक निवेश, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, व GST नीतियों को कारण बताया है, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और वित्तीय समावेशन पर भी जोर दिया है।
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जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी JCR ने भारत की विदेशी और स्थानीय मुद्रा लॉन्गटर्म जारीकर्ता रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया है। एजेंसी ने दोनों रेटिंग्स के लिए 'स्टेबल' आउटलुक रखा है और कंट्री सीलिंग को भी एक पायदान बढ़ाकर A किया है।
JCR ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत निजी खपत और सार्वजनिक निवेश के सहारे करीब 7% की ऊंची ग्रोथ रेट बनाए रखी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ रेट 7.8% रही। इसके साथ ही महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक के लक्ष्य दायरे में बनी हुई है।
एजेंसी ने भारत सरकार की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और वस्तु एवं सेवा कर की नीतियों को आर्थिक मजबूती का कारण बताया है। दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता और आरबीआई की कड़ी वित्तीय निगरानी के चलते बैंकिंग क्षेत्र में नॉन परफॉर्मिंग लोन का अनुपात 2% से नीचे आ गया है। मार्च 2026 के अंत तक यह अनुपात 1.8% रह गया।
गैर-बैंकिंग फाइनेंस सेक्टर की स्थिति भी मजबूत हुई है, जिससे वित्तीय प्रणाली की मजबूती में सुधार हुआ है। डिजिटल भुगतान और सरकारी लाभों के सीधे बैंक खातों में हस्तांतरण ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है। इससे कम आय वाले परिवार और छोटे उद्योगों सहित बड़ी आबादी को वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मिली है।
एजेंसी ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और संघीय देश में केंद्र-राज्य के वित्तीय संबंधों की जटिलता, राज्यों की असमानता दूर करने वाले ट्रांसफर सिस्टम और चुनावों से प्रभावित खर्च प्रबंधन जैसी चुनौतियां राजकोषीय घाटा ऊंचा रखने का कारण हैं। हालांकि, सरकार ने पूंजीगत खर्चों पर अधिक जोर दिया है।
भारत की आबादी 1.4 अरब से अधिक है और नॉमिनल GDP 3.9 ट्रिलियन डॉलर है। वित्त वर्ष 2026 में निजी खपत मजबूत बनी रही, जिससे वास्तविक GDP में 7.7% की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2027 में भी 6% से अधिक की वृद्धि दर बनाए रखने की उम्मीद है।
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