एससीओ में भारत को तीन ताकतवर देशों में शामिल किया गया
बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में सदस्य देशों ने सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के फैसले किए
किर्गिस्तान में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भारत को चीन और रूस के साथ विश्व के तीन ताकतवर देशों में शामिल किया गया। एससीओ सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने और दोहरा मापदंड अस्वीकार्य बताते हुए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में सुधार लाने के लिए कई निर्णय लिए।
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किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भारत को तीन सबसे ताकतवर देशों की सूची में शामिल किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में सदस्य देशों ने सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने और आतंकवाद से निपटने के लिए कई अहम निर्णय मंजूर किए।
तीन ताकतवर देशों की सूची में भारत
बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने एससीओ मंच पर भारत को दुनिया के तीन सबसे ताकतवर देशों की सूची में शामिल किया। उन्होंने कहा, 'हम यहां कितने भी बराबर क्यों न हों, हम अब भी मानते हैं कि हमारे पास तीन बहुत ताकतवर देश हैं।' उन्होंने चीन, भारत और रूस को आर्थिक रूप से ताकतवर परमाणु देश बताया। इस सूची में अमेरिका का नाम शामिल नहीं था। एससीओ में रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान सदस्य हैं।
सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के फैसले
एससीओ सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'दोहरा मापदंड' अपनाए जाने को अस्वीकार्य बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस खतरे से निपटने का आह्वान किया। सदस्य देशों ने पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर गहरी चिंता जताई और ईरान पर अमेरिका के हमलों की निंदा की। इस संयुक्त बयान पर प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं ने हस्ताक्षर किए। घोषणापत्र में आतंकवादी, अलगाववादी और उग्रवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल को रोकने के महत्व को रेखांकित किया गया। सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय सूचना सुरक्षा, सूचना संरक्षण और नए प्रकार के अपराधों से निपटने के लिए आपसी समन्वय को मजबूत करेंगे।
आगे की योजनाएं और भारत का लाभ
विदेश मंत्रालय ने शिखर सम्मेलन के कई अहम निर्णयों को रेखांकित किया, जिनमें सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और आतंकवाद तथा चरमपंथ जैसे अंतरराष्ट्रीय खतरों से निपटना शामिल है। 'बिश्केक घोषणा' के तहत भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास और कनेक्टिविटी पर अपना पक्ष रखने के लिए एक मंच मिलेगा। इससे मध्य एशिया और व्यापक यूरेशिया क्षेत्र के साथ भारत के संबंध और मजबूत होंगे। एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अगली बैठक 2027 में पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि एससीओ सदस्य देशों ने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद से निपटने के उपायों को मंजूरी दी है।
विदेश मंत्रालय, अधिकारियों
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