बेटी जिंदा, फिर भी पिता ने कर दिया अंतिम संस्कार; प्रेम विवाह से नाराज था परिवार
प्रेम विवाह से नाराज पिता ने दो जिंदा बेटियों को सामाजिक रूप से मृत माना, शोक पत्रिका छपवाकर 4 जून को ‘पीहर गोरनी’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया।
राजस्थान के चित्तौडगढ़ जिले के कपासन क्षेत्र के देवरिया गांव में एक पिता ने अपनी दो बेटियों के प्रेम विवाह से नाराज होकर उन्हें सामाजिक रूप से मृत मान लिया। दोनों बेटियों के नाम से शोक पत्रिका छपवाई गई और परिवार ने उनका अंतिम संस्कार जैसा कार्यक्रम भी आयोजित किया।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कपासन क्षेत्र के देवरिया गांव में एक पिता ने अपनी दो जिंदा बेटियों को सामाजिक रूप से मृत मानते हुए अंतिम संस्कार जैसी रस्में कर दीं। बताया जा रहा है कि पिता अपनी बेटियों के प्रेम विवाह से नाराज था। इस घटना के बाद गांव ही नहीं, पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया गांव निवासी व्यक्ति की बड़ी बेटी ने करीब डेढ़ वर्ष पहले अपनी पसंद के युवक से विवाह कर लिया था। इसके बाद हाल ही में छोटी बेटी ने भी घर छोड़कर अपने प्रेमी के साथ शादी कर ली। परिजनों ने छोटी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस के सामने युवती ने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई।
प्रेम विवाह से नाराज पिता ने बेटियों को माना ‘मृत’
दोनों बेटियों के प्रेम विवाह से नाराज पिता ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया। नाराजगी इतनी बढ़ गई कि परिवार ने दोनों बेटियों को सामाजिक रूप से मृत मान लिया। इसके बाद उनके नाम से शोक पत्रिका छपवाई गई और समाज में वितरित भी कर दी गई।
शोक पत्रिका में बेटियों के लिए 4 जून को ‘पीहर गोरनी’ का कार्यक्रम आयोजित करने का उल्लेख किया गया है। परिवार के घर के बाहर शोक सभा जैसा माहौल बनाया गया, जहां ग्रामीण और समाज के लोग पहुंचकर संवेदना व्यक्त करते नजर आए।
गांव में बना चर्चा का विषय
जिंदा बेटियों को सामाजिक रूप से मृत घोषित करने का यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रेम विवाह के बाद परिवार की नाराजगी और फिर शोक पत्रिका छपवाने जैसे कदम ने लोगों को चौंका दिया है। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार बेटियों के फैसले से बेहद आहत था। वहीं, यह मामला सामाजिक सोच, पारिवारिक प्रतिष्ठा और युवाओं की पसंद से जुड़े सवाल भी खड़े करता है।
पुलिस के सामने युवती ने पति के साथ रहने की जताई थी इच्छा
बताया जा रहा है कि छोटी बेटी के घर से जाने के बाद परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने युवती को दस्तयाब किया, लेकिन उसने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद परिवार की नाराजगी और बढ़ गई।
फिलहाल यह पूरा मामला सामाजिक स्तर पर चर्चा में है। कानूनी रूप से बालिग युवती को अपनी पसंद से विवाह करने और जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, लेकिन परिवार द्वारा उठाया गया यह कदम समाज में कई सवाल छोड़ गया है।
प्रेम विवाह पर परिवार की नाराजगी ने लिया अनोखा रूप
भारत में प्रेम विवाह को लेकर कई जगहों पर परिवारों की नाराजगी सामने आती रही है, लेकिन चित्तौड़गढ़ के इस मामले में पिता ने जिंदा बेटियों के लिए शोक पत्रिका छपवाकर मामला और गंभीर बना दिया। यही वजह है कि यह घटना अब पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गई है।
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.