भारत ने नेपाल को पांचवां राहत विमान भेजा, 68 टन से अधिक सामग्री पहुंचाई
भीषण बाढ़ से तबाह नेपाल में भारत ने बचाव टीम और जरूरी उपकरण भेजे
भारत ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए 68 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है। पांचवें राहत विमान में 11 सदस्यीय विशेष बचाव टीम और आधारभूत सामग्री के साथ लगभग 5.5 टन दवाइयां शामिल हैं, जो बाढ़ से प्रभावित लोगों की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भेजी गई हैं।
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नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने लगातार राहत और बचाव कार्यों में मदद बढ़ाई है। अब तक भारत ने नेपाल को 68 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है और पांचवां विमान 11 सदस्यों की विशेष बचाव टीम के साथ रवाना किया गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी।
नेपाल में पिछले सप्ताह आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या 1120 से अधिक हो चुकी है। अलग-अलग जिलों में नदी किनारे शव मिलने का सिलसिला जारी है। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार 1100 से ज्यादा शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक 321 शव चितवन जिले से और 216 शव नवलपरासी पूर्व जिले से मिले हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक अभी भी 4606 लोग लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इस कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारत ने नेपाल के लिए अपना पांचवां राहत विमान रवाना किया है, जिसमें 11 सदस्यों की विशेष बचाव टीम, जरूरी बचाव उपकरण और करीब 5.5 टन दवाइयां शामिल हैं। इससे पहले भेजे गए चार विमानों में भी राहत सामग्री के साथ स्पेशल रेस्क्यू टीमें और उपकरण थे। भारत की ओर से अब तक कुल 68 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा चुकी है।
राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट, हाइजीन किट, दवाइयां, खाने के पैकेट, सोलर लैंप, पानी साफ करने वाली गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर शामिल हैं। इन सामानों का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के लिए किया जा रहा है।
नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत और चीन ने बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। दोनों देशों की तकनीकी टीमें भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश में मदद कर रही हैं। भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जांच कर रही है, ताकि बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान की जा सके और उनके परिवारों को सही जानकारी मिल सके।
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