धरियावद के स्कूलों में जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाए गए
आइडियल्स सीनियर सैकंडरी और महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल आयोजित
धरियावद के आइडियल्स सीनियर सैकंडरी स्कूल और महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में 5 सितंबर को जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रस्तुतियां दीं और शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। दोनों स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और शिक्षकों के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
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धरियावद। धरियावद के आइडियल्स सीनियर सैकंडरी स्कूल और महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में 5 सितंबर को जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाए गए। दोनों स्कूलों में विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की प्रस्तुतियां दीं और शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
आइडियल्स सीनियर सैकंडरी स्कूल में विद्यालय निदेशक कैलाश कीकावत और प्रधानाचार्या रजनी वैष्णव के नेतृत्व में जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस समारोह आयोजित हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने नन्हे-मुन्ने स्वरूप में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को प्रस्तुत किया। शिक्षक दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में शिक्षकों के लिए खेल और मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। निदेशक और प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और गुरुजनों के सम्मान का महत्व बताया।
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में प्रधानाचार्य शिवसिंह चौहान और जन्माष्टमी उत्सव प्रभारी रेणुका गांधी के निर्देशन में नन्हे बालक-बालिकाओं ने राधा-कृष्ण के रूप में मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, नृत्य और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर में मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रेम, करुणा, सद्भावना और धर्म के संदेश भी विद्यार्थियों को समझाए गए। वरिष्ठ शिक्षक डॉ. रमेश मेघवाल, योगेश जाटव, भानुप्रताप सिंह, सुमित लबाना, शुभ श्री, भगवती दास और दर्शना सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस समारोह में विद्यार्थियों ने क्या प्रस्तुत किया?
- विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की लीलाओं और राधा-कृष्ण के सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं जो भावपूर्ण और आकर्षक थीं।
- शिक्षक दिवस पर किन शिक्षक को याद किया गया?
- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
- कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
- कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति, संस्कारों और गुरुजनों के सम्मान का महत्व विद्यार्थियों को समझाना था।
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