चूरू के आठ गांवों के किसान हासियाबास डैम के विरोध में धरने पर
किसान यमुना जल समझौते को अस्वीकार कर उपजाऊ जमीन देने से इनकार
चूरू जिले के आठ गांवों के किसान हासियाबास डैम के विरोध में तांबा खेड़ी गांव में 20 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। किसान उपजाऊ जमीन देने से इनकार कर रहे हैं और यमुना जल समझौते को स्वीकार नहीं करते। कई नेताओं ने किसानों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना है।
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चूरू। चूरू जिले के सिद्धमुख तहसील के तांबा खेड़ी गांव में हासियाबास डैम के विरोध में आठ गांव के किसान 20 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। किसान अपनी उपजाऊ खेती की जमीन डैम के लिए देने से इनकार कर रहे हैं और यमुना जल समझौते को मंजूर नहीं मानते।
धरना हासियाबास डैम संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहा है, जिसका नेतृत्व महेंद्र सिंह सहारण कर रहे हैं। इस आंदोलन में हासियाबास, तांबा खेड़ी, दुमकी, रामसरा टिब्बा, ढिंगारला, धनोठी छोटी, धनोठी बड़ी और चुंबकीयगढ़ के किसान शामिल हैं।
धरना स्थल पर विधायक मनोज न्यांगली, सांसद राहुल कस्वां, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया, भाजपा नेत्री सुमित्रा पुनिया और हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी सहित कई नेताओं ने किसानों से मुलाकात की।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि यदि डैम बनाना आवश्यक है तो लीलकी बीड़ जैसी सरकारी बंजर जमीन पर इसका विकल्प खोजा जाए, न कि उनकी उपजाऊ खेती की जमीन ली जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- धरने में किन गांवों के किसान शामिल हैं?
- हासियाबास, तांबा खेड़ी, दुमकी, रामसरा टिब्बा, ढिंगारला, धनोठी छोटी, धनोठी बड़ी और चुंबकीयगढ़ के किसान शामिल हैं।
- सरकार से किसानों की क्या मांग है?
- किसानों ने मांग की है कि डैम बनाने के लिए यदि जरूरी हो तो सरकारी बंजर जमीन जैसे लीलकी बीड़ का विकल्प खोजा जाए।
- धरना स्थल पर कौन-कौन सी प्रमुख राजनीतिक हस्तियां गईं?
- विधायक मनोज न्यांगली, सांसद राहुल कस्वां, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया, भाजपा नेत्री सुमित्रा पुनिया और हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों से मुलाकात की।
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