किसानों ने 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की
लाडवा में किसान संगठनों ने सरकार को ज्ञापन सौंपा, जल्द बैठक का आश्वासन मिला
हरियाणा के लाडवा में किसानों ने 15 सितंबर से धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पुनः खोलने, नमी सीमा बढ़ाने और बिना कटौती के खरीद की भी मांग की है। जिला कलेक्टर ने अगले दो-तीन दिन में सरकार और किसानों के बीच बैठक कराए जाने का आश्वासन दिया।
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लाडवा। लाडवा में किसानों ने 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर यूनियन उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसान संगठनों ने महापंचायत में विभिन्न मुद्दे उठाए और सरकार से शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई। डीसी ने दो-तीन दिन में बैठक कराने का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन की बैठक वीरवार को लाडवा के विश्राम गृह में हुई, जिसमें जिलाध्यक्ष रामधारी उर्फ भूरा डूडा के नेतृत्व में किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल यूनियन उपमंडल अधिकारी राजेश सोनी के कार्यालय पहुंचा और धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने सरकार से आग्रह किया कि 15 सितंबर से एमएसपी पर धान की खरीद शुरू की जाए। अनाज मंडी में आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत में 10 किसान संगठनों ने एकजुट होकर यह मांग रखी। करीब तीन घंटे चली इस महापंचायत में धान खरीद के अलावा किसानों और पशुपालकों से जुड़े नौ मुद्दे भी उठाए गए।
महापंचायत में पहुंचे डीसी विश्राम कुमार मीणा ने किसानों से ज्ञापन लेते हुए आश्वासन दिया कि अगले दो से तीन दिन में हरियाणा सरकार और किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों के बीच बैठक करवाई जाएगी।
किसानों ने 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की क्योंकि तकनीकी दिक्कतों के कारण कई किसान पंजीकरण नहीं करा पाए। इसके अलावा, धान में नमी की सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने तथा बिना किसी मूल्य कटौती के खरीद की भी मांग की गई।
महापंचायत में बीकेयू पगड़ी संभाल जट्टा, शहीद भगत सिंह, सर छोटू राम, भारतीय किसान एकता, राष्ट्रीय मजदूर-किसान मंच, किसान-मजदूर संगठन हरियाणा, किसान भवन पानीपत और भारतीय किसान पंचायत ने समर्थन दिया।
किसानों ने नरमा-कपास की सरकारी खरीद समय पर शुरू करने, आगामी पेराई सीजन में गन्ने का भाव 650 रुपये प्रति क्विंटल करने, दूध के रेट बढ़ाने और मिलावट पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की।
साथ ही हर पांच किलोमीटर के दायरे में नए खरीद केंद्र व उप-मंडियां स्थापित करने तथा सरकारी नहरों व सड़कों के किनारे किसानों द्वारा लगाए गए पेड़ों के मुनाफे में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की मांग भी उठाई गई।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने कहा, "यदि बैठक के बाद भी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, तो आगामी रणनीति तय की जाएगी।" वहीं, डूडा ने बताया कि "अनाज मंडियों में परमल धान की आवक बढ़ने लगी है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसानों ने धान की खरीद के अलावा कौन-कौन से मुद्दे उठाए?
- किसानों ने नरमा-कपास की खरीद समय पर शुरू करने, गन्ने का भाव 650 रुपये प्रति क्विंटल करने, दूध के रेट बढ़ाने और मिलावट पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
- 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल को फिर से खोलने की क्यों मांग हुई?
- कई किसान तकनीकी दिक्कतों के कारण इस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा पाए थे, इसलिए इसे पुनः खोलने की मांग की गई है।
- महापंचायत में किन किसान संगठनों ने समर्थन दिया?
- बीकेयू पगड़ी संभाल जट्टा, शहीद भगत सिंह, सर छोटू राम, भारतीय किसान एकता, राष्ट्रीय मजदूर-किसान मंच, किसान-मजदूर संगठन हरियाणा, किसान भवन पानीपत और भारतीय किसान पंचायत ने समर्थन दिया।
- किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों और नहरों के पेड़ लगानें को लेकर क्या मांग की?
- हर पांच किलोमीटर के दायरे में नए खरीद केंद्र व उप-मंडियां स्थापित करने और पेड़ों के मुनाफे में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की भी मांग की गई है।
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