झज्जर में किसानों और मिलर्स ने 500 करोड़ रुपये भुगतान की मांग की
किसान संगठन ने 15 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की मांग की, मिलर्स ने लंबित भुगतान पर चिंता जताई
झज्जर में किसानों और राइस मिलर्स ने सरकार से लगभग 500 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान और 2025-26 के धान निस्तारण संबंधी मुद्दों का समाधान करने की मांग की है। दोनों पक्षों ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की अपील की है और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी दी है।
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काशीपुर। झज्जर में किसानों और राइस मिलर्स ने सरकार से करीब 500 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान के समाधान की मांग की है। किसान संगठन ने 15 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की अपील की, जबकि मिलर्स ने 2019 से भुगतान लंबित होने की बात कही।
किसान संगठन एकता सिंधु ने सोमवार को जिला उपायुक्त को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने किसानों की आठ मांगें रखीं और सरकार से गंभीरता से कदम उठाने की अपील की। जिला संयोजक नरेंद्र ने कहा, "किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा।
काशीपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु अरोरा के नेतृत्व में मिलर्स ने डीएम व संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं संभाग को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार पंकज चंदोला को सौंपा। मिलर्स ने बताया कि 2019 से 2025 तक करीब 500 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 का लगभग छह लाख कुंतल चावल भी निस्तारण के लिए लंबित है।
किसानों और मिलर्स दोनों ही पक्षों ने सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसान संगठन ने सरकार से क्या मांग की है?
- एकता सिंधु ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से गंभीर कदम उठाने की अपील की है।
- मिलर्स ने किन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा?
- काशीपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने डीएम और संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं संभाग को ज्ञापन तहसीलदार पंकज चंदोला के माध्यम से सौंपा।
- आंदोलन की चेतावनी कब दी गई?
- जिला संयोजक नरेंद्र ने कहा कि यदि समय पर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करना पड़ेगा।
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