प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान के पतन का दावा किया
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर बाजार की नजर, सोना-चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरानी सरकार संघर्ष कर रही है और उसका पतन निकट है। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जबकि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के परिणामों पर असर पड़ सकता है।
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प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरानी सरकार जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रही है और उसका पतन निकट है। इस बीच, अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों पर बाजार की निगाह टिकी हुई है, जिससे सोने-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव जारी है।
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के चलते तेल के दाम 100 डॉलर के पार जाने की आशंका बनी हुई है, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भारत में तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बिक रहे हैं। गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97 और डीजल ₹95.64, फरीदाबाद में पेट्रोल ₹103.28 और डीजल ₹95.94 प्रति लीटर है। चंडीगढ़ में डीजल ₹89.47 और पेट्रोल ₹101.51, देहरादून में पेट्रोल ₹100.55 और डीजल ₹95.93 प्रति लीटर मिल रहे हैं। भोपाल में पेट्रोल ₹114.57 और डीजल ₹99.64, पटना में पेट्रोल ₹113.37 और डीजल ₹99.36, रांची में पेट्रोल ₹105.26 और डीजल ₹100.49, लखनऊ में पेट्रोल ₹101.89 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 0.41 प्रतिशत गिरकर ₹1,53,528 प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले कारोबारी दिन यह ₹1,54,154 था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,451.20 डॉलर प्रति औंस पर है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹1,60,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जो एक दिन पहले ₹1,59,500 था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि अमेरिकी अगस्त के गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क हैं। इसी कारण सोने की कीमत सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। अगले सप्ताह महंगाई के आंकड़े भी जारी होंगे, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर असर डाल सकते हैं। कमजोर रोजगार आंकड़ों से डॉलर में गिरावट आ सकती है, जिससे सोने को मजबूती मिल सकती है। बेहतर आंकड़ों या सख्त नीति से सोने पर दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों की मुनाफावसूली ने भी हाल की तेजी के बाद सोने की कीमतों को प्रभावित किया है। अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और कीमती धातुओं की दिशा तय करेगा।
चांदी की कीमत जनवरी के रिकॉर्ड स्तर ₹4 लाख प्रति किलोग्राम से 40 प्रतिशत से अधिक गिरकर ₹2.3 लाख से ₹2.4 लाख प्रति किलोग्राम के बीच आ गई है।
बाजार की प्रतिक्रिया
गौरव गर्ग ने कहा, "बाजार की नजर अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों पर टिकी है।" गांधी ने बताया, "बाजार की नजर पूरी तरह अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर है।"
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "ईरानी सरकार जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रही है और उसका पतन निकट है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्यों अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार आंकड़े महत्वपूर्ण हैं?
- ये आंकड़े डॉलर की मजबूत या कमजोर होने की दिशा तय करते हैं, जो सोने की कीमतों पर असर डालते हैं।
- भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर क्यों हैं?
- हालांकि वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, भारत में तेल कंपनियों ने फिलहाल दाम स्थिर रखे हैं ताकि घरेलू बाजार पर दबाव न पड़े।
- सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के क्या कारण हैं?
- निवेशकों की मुनाफावसूली, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के संकेत सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
- चांदी की कीमत में ऐसा क्यों गिरावट आई है?
- जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से 40 प्रतिशत से अधिक गिरावट से पता चलता है कि चांदी का बाजार पिछले उच्च स्तर से नीचे आ गया है।
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