धौलपुर की माधवानंद कॉलोनी में चार साल से जाम सीवर से जलभराव
कॉलोनी में गंदे पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी
राजस्थान के धौलपुर की माधवानंद कॉलोनी में चार साल से सीवर लाइन जाम होने के कारण लगातार जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे करीब 12 हजार लोग प्रभावित हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सीवर लाइन की सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
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जागरण संवाददाता। राजस्थान के धौलपुर शहर की माधवानंद कॉलोनी में करीब चार साल से सीवर लाइन जाम होने के कारण जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे कॉलोनी के 12 महीने जलभराव की स्थिति बनी रहती है और गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
स्थानीय निवासी अरुण ने बताया कि जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सोनू कुमार ने कहा कि कॉलोनी में 12 महीने जलभराव की स्थिति बनी रहती है। मुकेश ठाकुर ने बताया कि गंदे पानी के कारण संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बना हुआ है।
पार्षद ने बताया कि जैन चौक से दादरी गेट तक की सीवर लाइन करीब चार साल से बंद है, जिससे कॉलोनी में गंदा पानी जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है और कई बार बुजुर्ग पानी में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
कॉलोनी की मुख्य सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिनमें गंदा पानी जमा रहता है। इससे राहगीरों के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। दूषित पानी से आने वाली बदबू के कारण यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बंद पड़ी सीवर लाइन और नालियों की जल्द सफाई कराई जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों और बुजुर्गों को गंदे पानी से होकर न गुजरना पड़े।
कॉलोनी में करीब 12 हजार लोग रहते हैं, जहां जलभराव के कारण जीवन प्रभावित हो रहा है। कई परिवारों ने बताया कि हरी सब्जियां और जरूरी खाद्य सामग्री नहीं मिल पा रही है।
स्थानीय निवासी आशा देवी ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है।
पार्षद ने उपायुक्त को दो अलग-अलग शिकायत पत्र सौंपकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि अधिकारी एक-दूसरे के क्षेत्र की जिम्मेदारी बताकर समस्या को टाल रहे हैं।
कॉलोनी में जलभराव के कारण सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव भी दिखाई देते हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय वोट मांगने कॉलोनी में आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद समस्या की ओर ध्यान नहीं देते।
जलभराव के कारण बच्चों का खेलना बंद हो गया है और कई बार बुजुर्ग पानी में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
गंदे पानी के बीच छोटे बच्चे और अन्य लोग गुजरते नजर आए।
स्थानीय निवासी मुरारी प्रसाद ने कहा कि उनकी जिंदगी नरकीय हो गई है।
राम भरोसा सिंह ने बताया कि कॉलोनी में 30 से ज्यादा घर हैं, जहां जलभराव की समस्या बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को और क्या समस्याएं हो रही हैं?
- जलभराव के कारण संक्रामक बीमारी, त्वचा रोग, और सांप-बिच्छू के खतरे बढ़ गए हैं।
- क्या प्रशासन ने इस समस्या को लेकर कोई कदम उठाए हैं?
- पार्षद ने उपायुक्त को दो शिकायत पत्र सौंपे हैं, लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी टालते दिख रहे हैं।
- कॉलोनी में जलभराव का असर बच्चों और बुजुर्गों पर कैसे पड़ रहा है?
- बच्चों का खेलना बंद हो गया है और बुजुर्ग जलभराव में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
- स्थानीय लोग प्रशासन से क्या मांग कर रहे हैं?
- सीवर लाइन और नालियों की सफाई कराई जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए।
- जलभराव की वजह से कॉलोनी में रोजमर्रा की जरूरतों पर क्या असर पड़ा है?
- कई परिवारों को हरी सब्जियां और जरूरी खाद्य सामग्री नहीं मिल पा रही है।
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