सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी
पुरानी इमारतों की सुरक्षा जांच तेज, मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश जारी
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने पुरानी और कमजोर इमारतों की जांच कर उनके उपयोग पर रोक लगाने तथा समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराए जाने की बात कही है। पुलिस ने इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी रखी है।
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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में लापरवाही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इमारत काफी पुरानी थी और बेसमेंट में पानी भरने से पिलरों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद आसपास की दूसरी पुरानी और खतरनाक इमारतों की भी जांच कराई जा रही है। सरकार ने कहा है कि ऐसी इमारतों की पहचान कर उनके इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी यदि वे सुरक्षित नहीं पाई गईं।
हादसे के बाद इमारत में रहने वाले छात्रों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है और उनकी रहने की व्यवस्था कॉलेज हॉस्टल में की गई है। सरकार छात्रों और उनके परिवारों के संपर्क में है और जरूरत के अनुसार मदद दे रही है।
पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में टीमें दबिश दे रही हैं। बचाव दल मलबे को सावधानी से हटाकर जांच कर रहा है, लेकिन फिलहाल यह पक्का नहीं है कि मलबे में कोई और फंसा है या नहीं।
यह हादसा दिल्ली की पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। सरकार के सामने अब चुनौती है कि मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश पूरी की जाए और पता लगाया जाए कि इस इमारत को लेकर पहले क्या कार्रवाई हुई थी। यदि कहीं लापरवाही हुई तो उसके लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पीजी, हॉस्टल, नर्सिंग होम, स्कूल और ऐसी अन्य इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते या आते-जाते हैं।
इस घटना में अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
जिस इमारत के पीछे वाली बिल्डिंग की हालत भी ठीक नहीं है, उसे खाली करा दिया गया है और उसे भी गिराने की कार्रवाई की जाएगी
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सरकार खतरनाक इमारतों को लेकर क्या कदम उठा रही है?
- सरकार ने घोषणा की है कि ऐसी इमारतों की पहचान कर उनके इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी यदि वे सुरक्षित नहीं पाई गईं।
- आगे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या योजना है?
- मुख्यमंत्री ने कहा है कि पीजी, हॉस्टल, नर्सिंग होम, स्कूल जैसी इमारतों का समय-समय पर संरचनात्मक ऑडिट कराया जाएगा।
- मलबे में और कोई फंसा है या नहीं, इसकी स्थिति क्या है?
- बचाव दल मलबे को सावधानी से हटा रहा है, लेकिन अभी यह निश्चित नहीं है कि उसमें कोई और फंसा है या नहीं।
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