सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से दो की मौत
मलबे में दबे छात्रों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी, मुख्यमंत्री ने मदद का भरोसा दिया
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग मलबे में फंसे हैं। बचाव दल मौके पर राहत कार्य कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों को मदद दी जा रही है। घटना के बाद आसपास की इमारतों को खाली कराया गया है।
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नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
यह हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ, जब नानकपुरा गुरुद्वारे के पास स्थित 'होस्टल डेज' नामक पीजी की इमारत अचानक गिर गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में दो लोग रहते थे। हादसे के समय कई छात्र अपने कमरों में थे, जो मलबे के नीचे दब गए।
सूचना मिलते ही दमकल गाड़ियां, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इमारत गिरने के समय कितने लोग अंदर मौजूद थे।
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल फंसे या घायल लोगों की सही संख्या ज्ञात नहीं है, लेकिन मलबे से आठ लोगों को निकाला जा चुका है। इस हादसे में दो लोगों की मौत हुई है और दो छात्रों को अस्पताल भेजा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को खाली करा लिया गया है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम और नागरिक सुरक्षा की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। बचाव दलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फंसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें जल्द से जल्द उनके परिवारों के पास पहुंचाएं।
राहत कार्य के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरएएफ को बुलाया गया है। हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बचाव दलों को हर संभव कोशिश करने की अपील की और बताया कि कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता घटनास्थल पर मौजूद हैं।
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और आशीष सूद ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।
प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से काम कर रही हैं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
इमारत गिरने की हृदयविदारक घटना अत्यंत पीड़ादायक है
मनजिंदर सिंह सिरसा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हादसे के समय इमारत के अंदर कितने लोग थे?
- पुलिस अभी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय इमारत में कितने लोग मौजूद थे।
- बचाव कार्य में कौन-कौन सी टीमें जुटी हैं?
- दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम, नागरिक सुरक्षा टीमें और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल बचाव कार्य में लगे हैं।
- हादसे के समय इमारत के आसपास क्या काम चल रहा था?
- इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था जब यह दुर्घटना हुई।
- भीड़ नियंत्रण के लिए क्या उपाय किए गए?
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राहत कार्य के दौरान भारतीय वायु सेना की आरएएफ को बुलाया गया।
- राजनीतिक हस्तियों ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बचाव दलों को प्रयास जारी रखने की अपील की, जबकि दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और आशीष सूद ने संवेदनाएं प्रकट कीं।
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