चित्तौड़गढ़ में 247वीं रामधुन से समरसता का संदेश
लक्षकार परिवार ने भादवी बीज पर पुष्पवर्षा कर संत अनंत राम का स्वागत किया
चित्तौड़गढ़ में श्री सिद्ध पंचमुखी बालाजी सेवा संस्थान ने भादवी बीज के अवसर पर 247वीं रामधुन प्रभातफेरी निकाली, जिसमें समाज में समरसता, सद्भावना और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में भक्तों ने धार्मिक पाठ किए और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जबकि रामधुन अब विभिन्न समाजों और परिवारों में समरसता का संदेश लेकर पहुंच रही है।
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चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ में भादवी बीज के अवसर पर श्री सिद्ध पंचमुखी बालाजी सेवा संस्थान ने 247वीं रामधुन प्रभातफेरी निकाली। यह प्रभातफेरी आनंद धाम श्री रामद्वारा चौक से शुरू हुई और समाज में समरसता, सद्भावना तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
लक्षकार परिवार के कहने पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंदिर परिसर पहुंचकर परिवार के सदस्यों ने पुष्पवर्षा कर रामधुन का स्वागत किया। भक्तों ने विजय मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। धर्मसभा में लक्षकार परिवार ने संत अनंत राम का स्वागत किया, जिन्होंने कहा, "हमारे कर्मों के दो आधार पाप और पुण्य हैं।"
बालाजी संस्थान ने ‘विभाजन की विभीषिका’ विषय पर हुई प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को इनाम दिए और बताया कि अगली प्रतियोगिता ‘लव जिहाद’ विषय पर होगी।
रमेश कुमार लक्षकार ने रामधुन में हर दिन शामिल होने वाले भक्तों का स्वागत करते हुए 5100 रुपए की मदद देने की घोषणा की। बालाजी संस्थान की ओर से ऋषि लव ने कृष्ण अवतार और बाबा रामदेव जी को याद किया।
संत अनंत राम ने रामधुन जैसे आयोजनों से पुण्य के काम बढ़ने की बात कही और बताया कि बाबा रामदेव जी ने समाज में ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म कर समरसता की भावना को मजबूत किया। रामधुन अब तक कई समाजों के मंदिरों तक पहुंच चुकी है और अब यह परिवारों के निजी निमंत्रण पर भी समरसता का संदेश लेकर पहुंच रही है।
कार्यक्रम के अंत में भक्तजनों को प्रसाद वितरित किया गया। रमेश कुमार लक्षकार ने रामधुन में शामिल सभी भक्तजनों का आभार व्यक्त किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- रामधुन प्रभातफेरी कहाँ से शुरू हुई?
- यह प्रभातफेरी आनंद धाम श्री रामद्वारा चौक से शुरू हुई थी।
- रामधुन कार्यक्रम में क्या धार्मिक पाठ हुए?
- भक्तों ने विजय मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
- अगली प्रतियोगिता का विषय क्या होगा?
- बालाजी संस्थान ने बताया कि अगली प्रतियोगिता 'लव जिहाद' विषय पर होगी।
- संत अनंत राम ने रामधुन के क्या फायदे बताए?
- उन्होंने कहा कि रामधुन आयोजनों से पुण्य के काम बढ़ते हैं और ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म होता है।
- कार्यक्रम के अंत में क्या हुआ?
- कार्यक्रम के अंत में भक्तजनों को प्रसाद वितरित किया गया।
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