छत्तीसगढ़ में फिल्म हनुमान अंश को टैक्स फ्री किया गया
मुख्यमंत्री ने संत नीम करौली बाबा के संदेश को बताया प्रेरणादायक
छत्तीसगढ़ सरकार ने फिल्म 'हनुमान अंश' को टैक्स फ्री कर दिया है ताकि युवाओं तक भारतीय संत परंपरा और जीवन मूल्यों का संदेश पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को परिचित कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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छत्तीसगढ़ सरकार ने फिल्म 'हनुमान अंश' को टैक्स फ्री करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। यह कदम युवाओं तक भारतीय संत परंपरा और जीवन मूल्यों को पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
फिल्म 'हनुमान अंश' की कहानी दर्शकों के दिल को छू रही है और इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर डेढ़ सौ करोड़ से अधिक का कारोबार किया है। इसके गाने भी खूब पसंद किए जा रहे हैं, खासकर 'पार्वती' गीत में भगवान शिव को एक व्यावहारिक सवाल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह गीत पारंपरिक भजन से हटकर लोक-कथा जैसा है और बुंदेली शब्दावली में है।
'पार्वती' गीत में देवी पार्वती के तपस्वी शिव से शादी करने के अटूट संकल्प को बुंदेली अंदाज और लोक-हास्य के साथ दिखाया गया है। यह प्रसंग रामचरितमानस के बालकांड से जुड़ा है, जिसमें सप्तऋषि पार्वती को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहते हैं।
साधु एस तिवारी ने इस गीत को लिखा, कंपोज किया और गाया है, जबकि संगीत प्रोडक्शन का श्रेय समीरन दास को जाता है। इसमें तबला, परकशन और स्ट्रोक्स जैसे वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल हुआ है।
फिल्म को टैक्स फ्री करने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- 'पार्वती' गीत की खासियत क्या है?
- 'पार्वती' गीत देवी पार्वती के तपस्वी शिव से शादी के संकल्प को बुंदेली अंदाज और लोक-हास्य के साथ दिखाता है।
- फिल्म के संगीत में कौन कौन से वाद्ययंत्र इस्तेमाल हुए हैं?
- गीत में तबला, परकशन और स्ट्रोक्स जैसे वाद्ययंत्रों का उपयोग किया गया है।
- फिल्म 'हनुमान अंश' की कहानी किस प्रकार की है?
- फिल्म की कहानी दर्शकों के दिल को छू रही है और भारतीय संस्कृति से जुड़ी है।
- मुख्यमंत्री ने फिल्म के बारे में क्या कहा?
- मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए जो भारतीय संस्कृति और संत परंपरा से परिचित कराएं।
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