भरतपुर में 7 पुलिसकर्मियों पर नाबालिग को पीटने का केस दर्ज
हर महीने 10 हजार रुपए न देने पर नाबालिग को बेरहमी से पीटा गया
भरतपुर में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ 16 साल के नाबालिग को मारने और अवैध तरीके से पैसों की मांग करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ अवैध हथियार रखने का भी मामला दर्ज किया है, जबकि परिजनों ने उसकी पिटाई और उत्पीड़न की शिकायत की है। मामले की जांच अटल बंद थाना अधिकारी को सौंपी गई है।
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भरतपुर। भरतपुर में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने हर महीने 10 हजार रुपए देने से मना करने पर 16 साल के नाबालिग को बेरहमी से पीटा।
पिछले साल दिसंबर में नाबालिग ने भरतपुर में रेंटल कार का कारोबार शुरू किया था। कुछ समय बाद डीएसटी का कॉन्स्टेबल दशरथ उसके ऑफिस पहुंचा और कहा कि कारोबार चलाना है तो हर महीने 10 हजार रुपए देने होंगे। डर के कारण नाबालिग ने लगातार तीन महीने तक यह रकम दी, लेकिन कारोबार बंद होने के बाद भी पैसे मांगे जाते रहे।
19 अगस्त को नाबालिग अपने दोस्तों के साथ खाटूश्यामजी गया था और 21 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे भरतपुर लौट रहा था। रास्ते में कार पंचर होने पर वह पास की दुकान पर चाय पीने के लिए रुका। इसी दौरान डीएसटी के दो पुलिसकर्मी अंकित और मानवीर वहां पहुंचे और उसे कॉन्स्टेबल दशरथ के पास बुलाया। डीएसटी ऑफिस में पहले से मौजूद दशरथ और अन्य पुलिसकर्मियों ने नाबालिग के साथ मारपीट की। आरोप है कि कॉन्स्टेबल हरिओम उसके पैरों पर खड़ा रहा।
शाम करीब 5 बजे एएसआई शिवलाल दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे। नाबालिग के चेहरे पर कपड़ा बांधकर उसे सुनसान जगह ले जाया गया। वहां कॉन्स्टेबल अनिल ने उसके पैर पर देसी कट्टा रखा और धमकी दी कि यदि वह वीडियो में उनके कहे अनुसार बयान नहीं देगा तो पैर में गोली मार दी जाएगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तलाशी का नाटक करते हुए हथियार बरामद करने का वीडियो बनाया। इसी आधार पर 21 अगस्त को नाबालिग के खिलाफ अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया।
नाबालिग के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने पर उसके परिजन एसीजेएम कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने मामले में मथुरा गेट थानाधिकारी को तलब किया। मथुरा गेट थाना अधिकारी हरलाल मीणा ने बताया कि नाबालिग की बुआ की शिकायत पर डीएसटी के दशरथ, अंकित, सत्यवीर, हरिओम, अभिमन्यु और मथुरा गेट थाने के एएसआई शिवलाल सहित एक अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच अटल बंद थाना अधिकारी हेमेंद्र चौधरी को सौंपी गई है।
26 अगस्त को उन्होंने कोर्ट में एप्लिकेशन लगाई थी
परमवीर सोगरवाल, वकील
उसके भाई की मौत के 12 दिन बाद नाबालिग का जन्म हुआ था.
नाबालिग की बुआ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- व्यवसाय शुरू करने पर नाबालिग के साथ क्या हुआ?
- नाबालिग ने दिसंबर में रेंटल कार का कारोबार शुरू किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों से पैसे देने की मांग हुई।
- पुलिस ने नाबालिग को कहाँ ले जाकर धमकाया था?
- नाबालिग के चेहरे पर कपड़ा बांधकर उसे सुनसान जगह ले जाकर हथियार दिखाने और बयान बदलने की धमकी दी गई थी।
- मामले की जांच किसे सौंपी गई है?
- जांच अटल बंद थाना अधिकारी हेमेंद्र चौधरी को सौंपी गई है।
- क्या कोर्ट ने इस मामले में कोई कार्रवाई की?
- हाँ, कोर्ट ने मथुरा गेट थानाधिकारी को तलब किया और मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
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