भरतपुर में तालाब में डूबे किशोर का शव 17 घंटे बाद मिला
एसडीआरएफ ने सुबह 6 बजे शव निकाला, परिजन बोले सुमित पढ़ाई में था
भरतपुर के रौनीजा गांव में 17 वर्षीय किशोर सुमित तालाब में डूब गया था, जिसका शव लगभग 17 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। सुमित 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
भरतपुर। भरतपुर के रौनीजा गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे तालाब में डूबे 17 वर्षीय किशोर सुमित का शव 17 घंटे बाद निकाला गया। एसडीआरएफ की टीम ने शनिवार सुबह करीब 6 बजे शव बाहर निकाला। परिजन ने बताया कि सुमित 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था।
रौनीजा गांव निवासी सुमित पुत्र सतीश शुक्रवार दोपहर अपने परिवार के साथ खेत पर गया था। इसी दौरान वह पास के खेत में भरे पानी वाले गड्ढे की ओर गया, जहां पैर फिसलने से वह तालाब में गिर गया। परिजनों ने उसे पानी में डूबते देखा और शोर मचाया। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और उसकी तलाश शुरू की।
सूचना पर नदबई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भरतपुर से एसडीआरएफ की टीम बुलाकर तलाशी अभियान चलाया गया। शाम 6 बजे तक एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण उसे रोकना पड़ा। शनिवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई और करीब 6 बजे शव पानी से बाहर निकाला गया।
शव मिलने पर परिजन चीख-पुकार करने लगे और ग्रामीण परिवार को संभालने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नदबई के राजकीय जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। शनिवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में शव परिजनों को सौंपा गया।
परिजन बताते हैं कि सुमित घर का छोटा बेटा था और 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। वह पढ़ाई के साथ पिता के काम में भी हाथ बंटाता था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किशोर सुमित को कब और कैसे डूबे का हादसा हुआ?
- सुमित शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे तालाब में गिर गया जब उसकी पैर फिसला था।
- एसडीआरएफ ने खोज अभियान कब शुरू और कब रोका?
- एसडीआरएफ ने शुक्रवार शाम 6 बजे तक तलाश की लेकिन अंधेरा होने से रोक दिया।
- शव मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई?
- पुलिस ने शव को राजकीय जिला अस्पताल के मॉर्च्युरी में रखा और पोस्टमार्टम कराया।
- सुमित के परिवार के बारे में क्या जानकारी मिली?
- सुमित घर का छोटा बेटा था और पढ़ाई के साथ पिता के काम में भी मदद करता था।
- ग्रामीण और परिवारवालों की प्रतिक्रिया क्या थी?
- शव मिलने पर परिजन चीखने लगे और ग्रामीण परिवार को संभालने की कोशिश करने लगे।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.