बीजेपी के हीरा ठाकुर ने कांग्रेस का दामन थामा
लखीमपुर खीरी के दो बार एमएलसी और पूर्व मंत्री ने बदला राजनीतिक दल
लखनऊ के वरिष्ठ नेता हीरा ठाकुर ने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए काम किया है और कई राजनीतिक पदों पर रह चुके हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह बदलाव हुआ है।
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लखनऊ। लखनऊ में 7 सितंबर को बीजेपी के वरिष्ठ नेता हीरा ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर राजनीतिक दिशा बदली। लखीमपुर खीरी जिले के गोला क्षेत्र के रहने वाले ठाकुर ने पिछड़े समाज के उत्थान के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है।
हीरा ठाकुर दो बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और विधान परिषद में सभापति, नेता तथा उप नेता के पदों पर कार्य किया। वे उत्तर प्रदेश के ओबीसी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए काम किया है। वर्ष 2024 में उन्हें 28 लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया था।
ठाकुर राष्ट्रीय कपूरी ठाकुर विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। वे वर्ष 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रहे।
इसके अलावा, वे बहुजन समाज पार्टी के सदस्य भी रह चुके हैं और 12 साल तक एमएलसी के रूप में कार्य किया। मायावती ने उन्हें नाई सैन समाज का प्रतिनिधि मानकर दो बार एमएलसी बनाया था।
बसपा शासन के दौरान वे पार्टी के बड़े नेताओं में गिने जाते थे, लेकिन 2009 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हीरा ठाकुर ने बीजेपी को छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हीरा ठाकुर किस क्षेत्र से संबंध रखते हैं?
- वे लखीमपुर खीरी जिले के गोला क्षेत्र के रहने वाले हैं.
- उन्होंने पिछड़े वर्ग के लिए क्या योगदान दिया है?
- ठाकुर ने राजनीतिक जीवन में पिछड़े समाज के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से काम किया है.
- हीरा ठाकुर ने किन-किन राजनीतिक पदों पर काम किया है?
- वे विधान परिषद में सभापति, नेता, उप नेता के पदों पर कार्य करने के साथ यूपी के ओबीसी अध्यक्ष भी रहे हैं.
- हीरा ठाकुर कांग्रेस में शामिल होने से पहले कौन-कौन सी पार्टियों में रहे?
- वे पहले बीजेपी और बहुजन समाज पार्टी के सदस्य रह चुके हैं.
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