उदयपुर में भाजपा प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी, कांग्रेस ने माउंट आबू में बैठक की
सागवाड़ा नगर पालिका के 35 सीटों पर मतदान के बाद दोनों दलों ने प्रत्याशियों को अलग-अलग जगहों पर रखा
उदयपुर में सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव के बाद भाजपा ने अपने 80 प्रत्याशियों को बसों से बाड़ेबंदी के लिए भेजा, जबकि कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को माउंट आबू के रिसॉर्ट में रखा है। दोनों दल संभावित गठबंधन और जोड़तोड़ को लेकर प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। राजस्थान के अन्य इलाकों में भी मतदान के बाद बाड़ेबंदी की कार्रवाई जारी है।
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उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव के 35 प्रत्याशियों को शुक्रवार शाम छह बजे मतदान खत्म होते ही भाजपा ने बाड़ेबंदी के लिए बसों से रवाना किया। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को माउंट आबू के रिसॉर्ट में रखा है। दोनों दल जीत की संभावनाओं वाले निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
सागवाड़ा नगर पालिका में 35 सीटों पर शुक्रवार को मतदान हुआ। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 35-35 उम्मीदवार मैदान में उतारे। बीएपी के साथ ही बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों की वजह से मुकाबला कड़ा हो गया है। मतदान खत्म होते ही शाम छह बजे दोनों दलों ने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी।
भाजपा के 80 प्रत्याशियों को दो बसों में बैठाकर उदयपुर की ओर रवाना किया गया। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को माउंट आबू के रिसॉर्ट में रखा है। हालांकि भाजपा प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी में किस जगह ले जाया गया है, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है।
राजस्थान के अन्य इलाकों में भी बाड़ेबंदी की कार्रवाई जारी है। अजमेर में भाजपा के प्रत्याशी विधायक अनिता भदेल के घर समर्थक पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार को मतदान के बाद भाजपा ने कुछ प्रत्याशियों की देर रात बाड़ेबंदी कर पुष्कर ले जाया था।
अलवर नगर निगम में मेयर और बोर्ड गठन को लेकर जयपुर के तूंगा स्थित रिसॉर्ट में कांग्रेस ने अपने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी अजय पूनिया, पूर्व पार्षद सतीश खंडेलवाल, धीरज जैन और निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा के चाचा भगवान मीणा वहां पहुंचे। टीम वार्ड 22 से निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा को अपने साथ बाहर ले गई। रिसॉर्ट में करीब तीन घंटे तक गहमागहमी रही।
डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव के बाद भी भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी हो गई है। दोनों दल संभावित बोर्ड गठन और जोड़तोड़ की आशंकाओं के चलते अपने-अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति अपना रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बाड़ेबंदी का मकसद क्या है?
- बाड़ेबंदी का मकसद प्रत्याशियों को सुरक्षित और एकजुट रखना है ताकि बोर्ड गठन और जोड़तोड़ के लिए रणनीति बनायी जा सके।
- निर्दलीय उम्मीदवारों पर दोनों दल क्यों नजर रखे हुए हैं?
- निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत संभावनाओं के कारण दोनों दल उन्हें झुकाने या जोड़ने की कोशिश में लगे हैं।
- अजमेर में बाड़ेबंदी का क्या हाल है?
- अजमेर में भाजपा के प्रत्याशी विधायक अनिता भदेल के घर समर्थक पहुंचने लगे हैं और देर रात कुछ प्रत्याशियों को पुष्कर ले जाकर बाड़ेबंदी की गई।
- अलवर में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में क्या घटना हुई?
- अलवर के तूंगा रिसॉर्ट में कांग्रेस प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी के दौरान निर्दलीय कुलदीप मीणा को टीम वार्ड 22 ने अपने साथ ले जाकर कई घंटे की गहमागहमी हुई।
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