श्रीगंगानगर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, चेयरमैन पद की दौड़ तेज
65 वार्डों में से 30 सीटें जीतकर भाजपा ने बढ़त बनाई, निर्दलीय भी अहम
श्रीगंगानगर नगर परिषद चुनाव में भाजपा 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि कांग्रेस को 17 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 18 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए भाजपा को तीन निर्दलीय पार्षदों का समर्थन चाहिए, जिससे वह 33 सीटों के साथ बोर्ड गठन कर सकेगी। चेयरमैन पद के लिए संजय मूंदड़ा, अजय दावड़ा और डॉ. भरत पाल मैय्यर प्रमुख दावेदार हैं।
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श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर नगर परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। परिषद में बहुमत के लिए 33 पार्षदों की जरूरत है और 18 निर्दलीय में से कई भाजपा समर्थक माने जा रहे हैं।
नगर परिषद के कुल 65 वार्डों में भाजपा ने 30 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को 17 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 18 सीटें मिली हैं। 18 निर्दलीय पार्षदों में से तीन के भाजपा के साथ आने की संभावना है, जिससे भाजपा आसानी से बहुमत का आंकड़ा पूरा कर बोर्ड बना सकती है।
चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा में चेयरमैन पद के दावेदारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संजय मूंदड़ा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। वे आढ़त व्यवसाय से जुड़े हैं और लंबे समय से भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। मूंदड़ा ने वार्ड 55 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की है। उनकी स्थानीय पहचान, पार्टी में सक्रियता और राजनीतिक पकड़ उनके पक्ष में जाती है।
अजय दावड़ा उर्फ लक्की दावड़ा भी चेयरमैन पद के मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने वार्ड 58 से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की है। पूर्व उपसभापति के रूप में उन्हें परिषद के कामकाज, सदन की कार्यप्रणाली और पार्षदों के साथ तालमेल का अनुभव है।
डॉ. भरत पाल मैय्यर तीसरे प्रमुख दावेदार हैं। उनका नगर परिषद की राजनीति से पुराना जुड़ाव है और वे शहर में डॉक्टर के रूप में भी पहचाने जाते हैं। उनका पूर्व परिषद अनुभव और भाजपा संगठन से जुड़ाव उन्हें चेयरमैन पद की दौड़ में बनाए हुए है।
फिलहाल भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाना है। 30 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ा दल है, लेकिन बहुमत के लिए उसे तीन और पार्षदों की जरूरत है। यदि तीन निर्दलीय भाजपा के साथ आते हैं तो उसके पास 33 पार्षद हो जाएंगे और बोर्ड गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद पार्टी को चेयरमैन के नाम पर सहमति बनानी होगी।
निर्दलीयों का रुख बोर्ड गठन के साथ चेयरमैन चुनाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्रीगंगानगर नगर परिषद के 65 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद बोर्ड गठन की तस्वीर लगभग साफ हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- संजय मूंदड़ा की राजनीतिक पहचान क्या है?
- संजय मूंदड़ा आढ़त व्यवसाय से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और उन्होंने वार्ड 55 से जीत हासिल की है।
- अजय दावड़ा का परिषद में अनुभव क्या है?
- अजय दावड़ा पूर्व उपसभापति रह चुके हैं और उन्हें परिषद के कामकाज और पार्षदों के साथ तालमेल का अनुभव है।
- डॉ. भरत पाल मैय्यर का परिचय क्या है?
- डॉ. भरत पाल मैय्यर नगर परिषद की राजनीति में लंबे समय से जुड़े हैं और वे शहर में डॉक्टर के रूप में जाने जाते हैं।
- निर्दलीय पार्षदों की भूमिका क्या होगी?
- निर्दलीय पार्षदों का समर्थन बोर्ड गठन और चेयरमैन चुनाव में अहम भूमिका निभाएगा।
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