राजस्थान भीलवाड़ा 3 MIN READ

भीलवाड़ा के बडिये बाबा मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब

भाद्रपद अमावस्या पर 25 गांवों के भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की

भीलवाड़ा जिले के परीता गांव में स्थित बडिये बाबा के दरबार में भाद्रपद अमावस्या पर लक्खी मेला लगा। 25 गांवों के हजारों श्रद्धालु पहाड़ी पर बने मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल हुए। मेले में भक्तों ने ठाकुरजी को 49,09,045 रुपए और चांदी के आभूषण अर्पित किए।
AI सार

भीलवाड़ा जिले के परीता गांव में भाद्रपद अमावस्या पर बडिये बाबा के दरबार में लक्खी मेला आयोजित हुआ, जिसमें 25 गांवों के हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल हुए। मेले में भक्तों ने ठाकुरजी को कुल 49,09,045 रुपए और 763 ग्राम 200 मिलीग्राम चांदी के आभूषण अर्पित किए। इसके अलावा विभिन्न मंदिरों में भी धार्मिक आयोजन और भव्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

भीलवाड़ा में बडिये बाबा लक्खी मेले का दृश्य
भीलवाड़ा में बडिये बाबा लक्खी मेले का दृश्य / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

 भीलवाड़ा जिले के परीता गांव में स्थित बडिये बाबा के दरबार में भाद्रपद अमावस्या पर लक्खी मेला लगा। 25 गांवों के हजारों श्रद्धालु पहाड़ी पर बने मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल हुए। मेले में भक्तों ने ठाकुरजी को 49,09,045 रुपए और चांदी के आभूषण अर्पित किए।

शुक्रवार को सेठ सांवरा मंदिर में भाद्रपद पितृ कार्य अमावस्या पर मेला लगा। तड़के 4:15 बजे लीला चौक और महावीर कॉलोनी से पैदल यात्री संघ के सदस्य नाचते-गाते हुए ध्वजा लेकर मंदिर पहुंचे। मुख्य पुजारी आचार्य देवीलाल और राकेश ने पंजाब के कारीगरों की तैयार विशेष नई पोशाक से सांवरा सेठ का शृंगार किया।

सुबह 7 बजे जग कल्याणी गऊ सेवा संघ के सहयोग से गायों को फल, दलिया और 21 सवामणी हरे चारे का भोग लगाया गया। ॐ साईं ब्लड बैंक के सहयोग से तीसरा रक्तदान शिविर भी आयोजित हुआ। सुबह 10 बजे पवन चलाना एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर भक्तजन झूम उठे। अखंड भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।

मंदिर में व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अनिल सरावगी, रामावतार लीला, भूप सहारण और दीपक बंसल की टीम ने संभाली। श्रद्धालुओं ने मतदान के बाद मंदिर पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन किए।

परीता गांव में पहाड़ी पर स्थित मंदिर में 25 गांवों के लोक देवता बडिये बाबा के दरबार में लक्खी मेला आयोजित हुआ। मंदिर के पुजारी और गांव के पंच पटेलों ने सदियों से चली आ रही प्राचीन परंपरा के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना कराई। मेले में हजारों श्रद्धालु 600 फीट ऊंची पहाड़ी पर मंदिर प्रांगण में पहुंचे।

पूरे वर्ष मांगी गई मनौतियां पूरी होने पर भक्तों ने मनौती मनाई और परिवार की खुशहाली के साथ सुख-समृद्धि की कामना की। आने वाले रिश्तेदारों के भोजन के लिए नाना रसोई बनाई गई।

भादवी अमावस्या पर तिलस्वां महादेव में भी एक दिवसीय मेला आयोजित हुआ, जहां मंदिर परिसर में शिव भक्तों ने कई धार्मिक कार्यक्रम किए। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

श्री कोटड़ी चारभुजा नाथ मंदिर में भी अमावस्या पर मेला लगा, जिसमें भीलवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर पहुंचे। भीलवाड़ा, सवाईपुर, नंदराय, मंशा, जहाजपुर सहित विभिन्न मार्गों से श्रद्धालुओं ने कतारों में लगकर ठाकुरजी श्री चारभुजा नाथ के दर्शन किए।

अमावस्या पर प्रातः 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में गणपति पूजन एवं पंचांग पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। पुजारी संजय पाराशर ने ठाकुरजी का षोडशोपचार पूजन कराया। पांच पंडितों ने पुरुष सूक्त की 21 आवृत्तियों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार किया। इसके बाद विष्णु सहस्रनामावली से सहस्रार्चन, आरती एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।

अभिषेक कार्यक्रम में पांच जोड़ों ने भाग लिया और ठाकुरजी को स्वर्ण पोशाक धारण कराई गई। मेले के दौरान मंदिर प्रांगण में दिनभर भजन-कीर्तन और लोक भजनों का दौर चलता रहा।

अमावस्या मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा ठाकुरजी के चरणों में अर्पित चढ़ावे की मंदिर ट्रस्ट की ओर से दोपहर 12 बजे गणना की गई। भेंटपात्र से 38,96,128 रुपए, रसीदों के माध्यम से 3,67,930 रुपए तथा ऑनलाइन माध्यम से 6,44,987 रुपए प्राप्त हुए। कुल 49,09,045 रुपए की राशि मिली। श्रद्धालुओं ने 763 ग्राम 200 मिलीग्राम चांदी के आभूषण भी अर्पित किए।

पंच मुकेश मीणा ने बताया, "मेले पर बहन, बेटी, रिश्तेदारों को बुलाकर आवभगत करने की सामाजिक परंपरा है।"

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लक्खी मेले में कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित हुए?
भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना, अखंड भंडारा, गणपति पूजन, पंचांग पूजन, और विष्णु सहस्रनामावली से सहस्रार्चन हुए।
मेला आयोजन में कौन-कौन जिम्मेदार थे?
मंदिर की व्यवस्थाएं अनिल सरावगी, रामावतार लीला, भूप सहारण और दीपक बंसल की टीम ने संभाली।
श्रद्धालुओं ने कैसे मनौती मानी?
पूरे वर्ष मांगी गई मनौतियां पूरी होने पर भक्तजन परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।
बन्ने वाली सामाजिक परंपरा क्या है?
मेले पर बहन, बेटी, रिश्तेदारों को बुलाकर उनका आवभगत करना परंपरा है, जैसा पंकज मुकेश मीणा ने बताया।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 शिक्षा दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान बाजार खुले रहेंगे
03 राजस्थान सीकर में 11 सितंबर को चार नगर निकायों के लिए मतदान होगा
04 टेक्नोलॉजी ओप्पो F35 5G सीरीज भारत में जल्द लॉन्च होगी
Trust & Transparency

How this story was handled

Published12 सितंबर 2026, 11:31 IST IST
Last updated12 सितंबर 2026, 11:31 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under राजस्थान and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: भीलवाड़ा.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from राजस्थान.

राजस्थान

बद्रीनाथ में तप्त कुंड में डुबकी लगाते दो बहनों की मौत

राजस्थान

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में सुबह 10 बजे तक 44.38% मतदान

धर्म / अध्यात्म

11 सितंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त

बद्रीनाथ में तप्त कुंड में डुबकी लगाते दो बहनों की मौत
राजस्थान
इससे जुड़ी ख़बरें

बद्रीनाथ में तप्त कुंड में डुबकी लगाते दो बहनों की मौत

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 11 सितंबर 2026
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में सुबह 10 बजे तक 44.38% मतदान
राजस्थान
इससे जुड़ी ख़बरें

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में सुबह 10 बजे तक 44.38% मतदान

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 11 सितंबर 2026
11 सितंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त
धर्म / अध्यात्म
इससे जुड़ी ख़बरें

11 सितंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 11 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 शिक्षा दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान बाजार खुले रहेंगे
03 राजस्थान सीकर में 11 सितंबर को चार नगर निकायों के लिए मतदान होगा
04 टेक्नोलॉजी ओप्पो F35 5G सीरीज भारत में जल्द लॉन्च होगी

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.