आशा भोसले की 93वीं जयंती पर याद किए गए उनके संघर्ष और संगीत
मखमली आवाज़ की मल्लिका ने संगीत जगत को दिए हजारों गीत, संघर्षों से भरा रहा जीवन
आशा भोसले की 93वीं जयंती पर उनके संघर्ष और संगीत के योगदान को याद किया गया। उन्होंने बचपन में आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद गायकी में सफलता हासिल की और हिंदी फिल्म संगीत में विशेष पहचान बनाई। उनकी आवाज़ और संगीत आज भी लोकप्रिय हैं।
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आशा भोसले की 93वीं जयंती पर उनकी यादें और संगीत आज भी जीवित हैं। 12 अप्रैल को उनका निधन हुआ था, लेकिन उनकी आवाज़ आज भी लोगों के दिलों में गूंजती है। बचपन से ही संगीत के माहौल में पली आशा ने कम उम्र में ही गायकी की दुनिया में कदम रखा।
आशा भोसले का बचपन संगीत से भरे माहौल में बीता। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर, जो एक प्रसिद्ध थिएटर अभिनेता और शास्त्रीय गायक थे, का निधन तब हुआ जब आशा महज 9 साल की थीं। पिता के जाने के बाद परिवार आर्थिक संकट में फंस गया और अंततः मुंबई आना पड़ा। 14 साल की उम्र में बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ आशा ने भी संगीत में करियर बनाने का फैसला किया।
शुरुआती दौर में आशा को काफी संघर्ष करना पड़ा क्योंकि उस समय गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का दबदबा था। 1950 के दशक में वैम्प्स और सेकंड ग्रेड फिल्मों के गाने आशा को दिए जाते थे। इस वजह से अफवाहें थीं कि आशा ने लता को अपना प्रतिद्वंदी माना। एक बार रिकॉर्डिंग के दौरान आशा ने लता पर चिल्ला भी दिया था, जब लता रिकॉर्डिंग के लिए देर से पहुंचीं।
आशा भोसले की निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव आए। 16 साल की उम्र में उन्होंने लता के 31 साल के सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से शादी की। हालांकि, शादी के बाद गणपत और उनके परिवार ने आशा को परेशान किया, जिससे वे 1960 में अपने बच्चों के साथ अपनी मां के घर लौट आईं। बाद में परिवार ने उन्हें फिर से अपनाया।
आशा भोसले की मुलाकात राहुल देव बर्मन से हुई, जिनसे उन्होंने शादी की। आरडी बर्मन उनसे 6 साल छोटे थे, लेकिन उनका साथ आखिरी सांस तक बना रहा। बाद में आशा ने 1980 में पंचम दा से शादी की, जिनका निधन 1994 में कार्डियक अरेस्ट से हुआ।
आशा भोसले की बेटी वर्षा ने 8 अक्टूबर 2012 को आत्महत्या कर ली थी। संगीत जगत में आशा की आवाज़ और उनका योगदान आज भी याद किया जाता है।
आशा भोसले के संघर्ष के किस्से
आशा ने बताया था कि एक बार म्यूजिक कंपोजर शंकर जयकिशन के गाने 'कर गया रे' की रिकॉर्डिंग के दौरान लता दीदी देर से पहुंचीं, जिससे उनका गुस्सा फूट पड़ा। दोनों बहनों ने इस राग भैरवी पर आधारित गाने की कई बार रिहर्सल की थी। इस घटना के बाद भी लता ने आशा को मुस्कुराकर रिकॉर्डिंग के लिए साथ लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आशा भोसले का बचपन कैसा था?
- उनका बचपन संगीत से भरे माहौल में बीता, उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर शास्त्रीय गायक थे।
- आशा भोसले को शुरुआती दौर में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
- 1950 के दशक में उनसे वैम्प्स और सेकंड ग्रेड फिल्मों के गाने लिए जाते थे, और वे लता मंगेशकर एवं अन्य गायिकाओं के मुकाबले कम महत्वपूर्ण समझी जाती थीं।
- आशा भोसले की निजी जिंदगी में किन कठिनाइयों का सामना हुआ?
- पहली शादी के बाद पति और ससुराल वालों से परेशान होने के कारण वे अपने बच्चों के साथ मां के घर लौट आईं।
- आशा भोसले की दूसरी शादी किससे हुई थी?
- उनकी मुलाकात संगीतकार राहुल देव बर्मन से हुई, जिनसे बाद में उन्होंने शादी की।
- आशा भोसले और लता मंगेशकर के बीच क्या कोई विवाद हुआ था?
- एक बार रिकॉर्डिंग के दौरान लता के देर से आने पर आशा ने उन पर गुस्सा जताया था, लेकिन बाद में लता ने मुस्कुराकर उन्हें रिकॉर्डिंग के लिए साथ लिया।
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