बलरामपुर में 702 शिक्षकों को 44 लाख रुपये का मानदेय जारी
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के प्रथम चरण का भुगतान किया
बलरामपुर में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगे 702 शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रथम चरण में लगभग 44 लाख 28 हजार रुपये का मानदेय भुगतान किया है। अभी 93 शिक्षकों का मानदेय बकाया है, जिसे बजट मिलने पर जारी किया जाएगा।
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बलरामपुर। बलरामपुर में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगे 702 शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रथम चरण में करीब 44 लाख 28 हजार 559 रुपये का भुगतान किया है। यह राशि उनके खातों में पहुंचते ही शिक्षकों के चेहरे खिल उठे।
जिले के तीन मूल्यांकन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियां जांचने वाले 702 परीक्षकों, प्रधान परीक्षकों समेत अन्य कर्मचारियों के खातों में यह धनराशि पहुंची है। मूल्यांकन कार्य में कुल 795 परीक्षकों, प्रधान परीक्षकों के साथ अंकेक्षण, कोठार प्रभारी, सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
मूल्यांकन का काम पूरा होने के बाद सभी केंद्रों से बिल और अभिलेख मांगे गए थे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग ने 702 शिक्षकों के मानदेय की राशि जारी की है, जबकि 93 शिक्षकों का मानदेय अभी बकाया है। विभाग ने बताया कि 93 शिक्षकों के मानदेय का बजट मिलने के बाद वह भी उनके खातों में भेजा जाएगा।
मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों के मानदेय के भुगतान की यह राशि उनके मेहनत का सम्मान है। निरीक्षक सीपी सिंह ने बताया, "मूल्यांकन कार्य में लगे 702 शिक्षकों और कर्मचारियों के मानदेय के लिए प्रथम चरण में करीब 44 लाख 28 हजार 559 रुपये का भुगतान कर दिया गया है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मूल्यांकन कार्य में कुल कितने कर्मचारी शामिल थे?
- मूल्यांकन कार्य में 795 परीक्षक, प्रधान परीक्षक, अंकेक्षण, कोठार प्रभारी, सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल थे।
- मूल्यांकन कार्य किस स्तर के बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का था?
- यह मूल्यांकन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का था।
- मानदेय भुगतान के बाद शिक्षकों की प्रतिक्रिया क्या रही?
- मानदेय खाते में पहुंचते ही शिक्षकों के चेहरे खिल उठे और उन्हें मेहनत का सम्मान मिला।
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