मिश्रौली से 32वीं पवन पुत्र पदयात्रा रवाना
मंदिर परिसर में महाआरती के बाद 250 से अधिक श्रद्धालु यात्रा में शामिल
मिश्रौली कस्बे से 32वीं पवन पुत्र पदयात्रा शुरू हुई है, जिसमें इस वर्ष 250 से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं। यात्रा की शुरुआत जगदम्बा माता मंदिर से हुई और इसे चंचल प्राग मठ के योगी अभयनाथ महाराज ने रवाना किया। इसके साथ ही अवर से सेन समाज की 27वीं पैदल यात्रा भी नारायणी माता धाम के लिए उत्साह के साथ चली।
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मिश्रौली। मिश्रौली कस्बे से सोमवार को 32वीं पवन पुत्र पैदल यात्रा शुरू हुई। यात्रा की शुरुआत जगदम्बा माता मंदिर के पास से हुई, जहां मंदिर परिसर में विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। इस बार 250 से अधिक श्रद्धालु इस पदयात्रा में भाग ले रहे हैं।
पदयात्रा को चंचल प्राग मठ के योगी अभयनाथ महाराज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा, जहां श्रद्धालुओं की मौजूदगी में महाआरती उतारी गई और देर रात तक सत्संग का आयोजन हुआ।
आवर से बुधवार को सेन समाज की कुलदेवी नारायणी माता धाम के लिए 27वीं पैदल यात्रा उत्साह के साथ रवाना हुई। इस यात्रा में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान रास्ते के गांवों और कस्बों से श्रद्धालु जुड़ते गए और अलवर जिले में प्रवेश तक जत्था सैकड़ों पदयात्रियों का हो गया।
मिश्रौली कस्बे के सामुदायिक भवन में मंगलवार रात भजन संध्या हुई, जिसके बाद कस्बेवासियों ने पदयात्रियों को पुष्पमाला पहनाई। जत्थे में शंकरलाल सेन, दिनेश सोनी, जगदीशसेन और देवेंद्र सेन भी शामिल हैं।
गुर्जर समाज की ओर से शुक्रवार को पनवाड़ से झाड़ोता तक चतुर्थ पैदल यात्रा निकाली जाएगी। इसमें पनवाड़ समेत आसपास के गांवों और क्षेत्रों से महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समिति कार्यकर्ता गांव-गांव और कस्बे में नागरिकों और वरिष्ठजनों को निमंत्रण दे रहे हैं तथा यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। महावीर गुर्जर, भोजराज गुर्जर, गोलू गुर्जर, नन्जी गुर्जर, प्रदीप गुर्जर और रामनिवास गुर्जर इस दौरान मौजूद रहे।
मिश्रौली से नारायणी माता धाम के लिए रवाना होने से पहले मां अन्नपूर्णा माता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई और यात्रा के सफल रहने तथा क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई।
अध्यक्ष अरविन्द आचार्य ने बताया कि पदयात्रा की रवानगी से पूर्व मंदिर परिसर में विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। अजय आचार्य ने कहा कि इस वर्ष पैदल यात्रा में 250 से अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। धर्मचंद सेन ने बताया कि अलवर जिले में स्थित नारायणी धाम सेन समाज की कुलदेवी है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान देवनारायण के प्रति आस्था और श्रद्धा से श्रद्धालुओं में उत्साह है। कार्यकर्ताओं और सदस्यों ने बताया कि कस्बे के बीच स्थित भगवान देवनारायण मंदिर से यात्रा शुरू होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पदयात्रा की पूर्व संध्या पर क्या आयोजन हुआ?
- मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल के बीच महाआरती और देर रात तक सत्संग का आयोजन हुआ।
- अवार से जाने वाली सेन समाज की पैदल यात्रा में क्या खास है?
- इस यात्रा में रास्ते के कई गांवों और कस्बों से श्रद्धालु जुड़ते हुए अलवर जिले तक जत्था बढ़ जाता है।
- पनवाड़ से झाड़ोता तक पैदल यात्रा किन लोगों के लिए है?
- यह यात्रा महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए है और आसपास के गांवों से लोग इसमें शामिल होंगे।
- यात्रा के सफल आयोजन के लिए क्या तैयारियां की जा रही हैं?
- समिति कार्यकर्ता गांव-गांव और कस्बे में नागरिकों और वरिष्ठजनों को निमंत्रण दे रहे हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं।
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