राजस्थान में लंपी रोग से 16 गोवंश की मौत, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
पूर्वी जिलों में संक्रमण के मामले, सरकार ने टीकाकरण और निगरानी तेज की
राजस्थान में लंपी रोग के कारण 16 गोवंश की मौत हुई है और 10,403 पशु संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 6,905 ठीक हो चुके हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संक्रमण नियंत्रण और टीकाकरण तेज करने के निर्देश दिए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयों एवं उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पशुपालकों से सतर्क रहने और लंपी रोग के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की गई है।
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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस स्थिति पर गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को संक्रमण नियंत्रण और टीकाकरण तेज करने के निर्देश दिए।
लंपी रोग की स्थिति और नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पूरी तरह सजग और सतर्क है। पिछले वर्ष दो माह के अभियान में करीब 95 प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण किया गया था।
पशुपालन विभाग के अनुसार अब तक 10,403 पशु संक्रमित मिले हैं, जिनमें से 6,905 ठीक हो चुके हैं। करीब 4,500 गौवंश का इलाज जारी है। संक्रमित पशुओं को अन्य से अलग कर समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष और रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है, जो रोग की निगरानी, संक्रमित पशुओं की पहचान और इलाज की व्यवस्था कर रही हैं। पशुपालन मंत्री ने कहा कि जहां भी लंपी रोग के मामले सामने आ रहे हैं, वहां तत्काल आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
सरकारी तैयारियां और पशुपालकों से अपील
राजस्थान पहले भी इस बीमारी का प्रभाव देख चुका है, इसलिए इस बार विभाग ने सर्वेक्षण, निदान और नियंत्रण के लिए समयबद्ध तैयारियां की हैं। इससे रोग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था और गौवंश की हानि लगभग नहीं के बराबर रही थी।
मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री ने पशुपालकों से घबराने के बजाय सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पशुपालक अपने गौवंश की नियमित निगरानी करें और लंपी रोग के लक्षण दिखने पर तत्काल पशु चिकित्सा संस्थान या पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
प्रभावित पशु को दूसरे पशुओं से अलग रखें और प्रभावित क्षेत्रों से नए पशुओं को लाने-ले जाने से बचें। विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव पशुपालन एवं गोपालन विकास सीतारामजी भाले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
2026-27 में करीब 90% गौवंश का टीकाकरण हो चुका है.
जोराराम कुमावत, पशुपालन मंत्री
प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिलों में ही लंपी रोग के मामले सामने आए हैं.
भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- लंपी रोग के लक्षण दिखने पर क्या करना चाहिए?
- पशुपालकों को तुरंत पशु चिकित्सा संस्थान या पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और प्रभावित पशु को अन्य से अलग रखना चाहिए।
- भविष्य में लंपी रोग से बचाव के लिए क्या तैयारियां की गई हैं?
- पशुपालन विभाग ने समयबद्ध सर्वेक्षण, निदान और नियंत्रण की तैयारियां की हैं ताकि रोग को जल्द नियंत्रित किया जा सके।
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