13,903 मृत किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ मिला
आजमगढ़ में सत्यापन रिपोर्ट से सामने आया बड़ा घोटाला, विशेष अभियान शुरू
आजमगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 13,903 मृतक किसानों को लाभ मिला है। जिले में 2 से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाकर किसानों की भूमि का खतौनी में अंकन, आधार सिडिंग और ई-केवाइसी कराया जाएगा तथा पात्र किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जाएगी।
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आजमगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 13,903 मृतक किसानों को योजना का लाभ मिला है। जिले में इस घोटाले की जांच के लिए 2 से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सत्यापन रिपोर्ट और अभियान
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों का सत्यापन कराया गया है। इसमें मृतक किसानों के नाम भी शामिल पाए गए हैं, जिनकी सूची संबंधित तहसील और बैंकों को भेज दी गई है। अब मृतक किसानों के वारिसों के नाम जमीन अंकित होने के बाद बैंकों से योजना की राशि वापस करानी होगी। इसके बाद ही वारिसों का पंजीकरण पात्र किसान के रूप में होगा।
जिले में दो से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलेगा, जिसमें तहसीलों के माध्यम से किसानों की भूमि का खतौनी में दर्ज कराना, बैंकों के माध्यम से आधार सिडिंग का कार्य और राजकीय कृषि बीज भंडार या प्राविधिक सहायक के माध्यम से ई-केवाइसी कराया जाएगा।
फार्मर आईडी और डिजिटल पहचान
जिले में आठ लाख, 27 हजार, 779 किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक आठ लाख, 25 हजार, 579 किसानों की आईडी बन चुकी है, जो लक्ष्य का 96.67 प्रतिशत है।
फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने के बाद किसानों को विभिन्न योजनाओं में बार-बार अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता कम होगी। उपलब्ध डिजिटल डेटा के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
फार्मर रजिस्ट्री में मुख्य रूप से वे किसान शामिल होंगे जिनका नाम संबंधित राजस्व और भूमि अभिलेखों में दर्ज है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसान की पहचान एवं भूमि संबंधी विवरण का सत्यापन किया जाता है। आवश्यकतानुसार आधार, मोबाइल नंबर तथा भूमि संबंधी अभिलेखों की सहायता से विवरण का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जाती है।
अभियान के अंतर्गत ई-केवाइसी, भू -अभिलेख अंकन, आधार अंकन का कार्य कराया जाएगा
आशीष कुमार, निदेशक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह योजना मृतक किसानों के वारिसों के लिए कैसे काम करेगी?
- मृतक किसानों के वारिसों को उनकी जमीन के दस्तावेज़ के आधार पर बैंक से योजना की राशि वापस करानी होगी, जिसके बाद ही वारिसों का पंजीकरण पात्र किसान के रूप में होगा।
- विशेष अभियान के दौरान किसानों की पहचान कैसे सुदृढ़ की जाएगी?
- अभियान में तहसीलों के माध्यम से खतौनी रिकॉर्ड, बैंकों के माध्यम से आधार सिडिंग, और राजकीय कृषि बीज भंडार या तकनीकी सहायक के माध्यम से ई-केवाइसी कराया जाएगा।
- फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
- फार्मर रजिस्ट्री बनने से किसानों को बार-बार अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की जरूरत कम होगी और डिजिटल डेटा के आधार पर योजनाओं में पात्र लाभार्थियों की पहचान प्रभावी होगी।
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