धौलपुर में टाइगर अभ्यारण्य विरोधी प्रदर्शन के दौरान हिंसा
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, बाजार और मकानों में तोड़फोड़ की
धौलपुर-करौली टाइगर अभ्यारण्य के विरोध में जारी धरना प्रदर्शन के 32वें दिन शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और बाजार, रेस्टोरेंट तथा मकानों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और पथराव करने वालों को खदेड़ा। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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धौलपुर-करौली टाइगर अभ्यारण्य के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन के 32वें दिन शनिवार को हिंसक घटनाएं हुईं। कथित युवकों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और शहर के बाजार, रेस्टोरेंट तथा मकानों में तोड़फोड़ कर दी।
प्रदर्शनकारियों ने करौली रोड बाइपास पर पुलिस पर पथराव किया, जिससे पुलिस की कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। इसमें सीओ सरमथुरा, मनियां और सैंपऊ की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। भीड़ ने हाइवे संख्या 11बी के रेस्टोरेंट, बाजार की दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ की।
कथित युवकों के झुंड ने बाइपास, करौली रोड, अग्रवाल कॉलोनी और बाड़ी बस स्टैंड के आसपास जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और छतों से वीडियो बना रहे लोगों पर पत्थर फेंके।
शहर में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं से हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने पत्थरबाजों को खदेड़ दिया और प्रदर्शनकारियों के साथ आमना-सामना भी हुआ, लेकिन वे भाग निकले।
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। सरमथुरा, मनियां, सैंपऊ के सीओ समेत पांचों सर्किल थाना पुलिस और डीएसटी के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
बसंतपुरा मोड़ पर एक माह से चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने पहले निकाय चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी योजना विफल कर दी। इसके बाद प्रत्याशियों ने पर्चे भरे और वोटिंग हुई।
शनिवार सुबह से कथित युवकों की दहशत के कारण शहर का बाजार पूरी तरह बंद रहा। भीड़ ने दोपहर में हाइवे जाम करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया। इसके बाद पथराव शुरू हो गया।
उत्पातियों ने हाइवे और बाइपास पर रेस्टोरेंट, दुकानों और घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ की। बाइपास पर उम्मेदसिंह के मकान में ताले तोड़कर घुसकर नुकसान पहुंचाया गया। अग्रवाल कॉलोनी में भी घरों पर पथराव किया गया, जिससे लोग भयभीत हैं।
पुलिस ने कार्रवाई कर उत्पातियों को बाहर खदेड़ दिया और सुरक्षा के लिए आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रदर्शनकारियों ने पथराव क्यों किया और हिंसा कैसे बढ़ी?
- प्रदर्शनकारी टाइगर अभ्यारण्य के विरोध में थे और पुलिस के साथ झड़प में हिंसा भड़क गई।
- पुलिस ने उत्पातियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
- पुलिस ने पत्थरबाजों को खदेड़ा और इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए।
- निकाय चुनाव में प्रदर्शनकारियों की भूमिका क्या थी?
- विरोध प्रदर्शनकारियों ने चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन ने उनकी योजना विफल कर दी।
- प्रदर्शनकारियों ने किन इलाकों में उत्पात मचाया?
- वे करौली रोड बाइपास, अग्रवाल कॉलोनी, बाड़ी बस स्टैंड और आसपास के बाजारों में उत्पात मचाए।
- स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और हालात कैसे रहे?
- पथराव और तोड़फोड़ के कारण लोग भयभीत हुए और बाजार पूरी तरह बंद रहा।
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