जयपुर में साइबर ठगी और यौन शोषण के दो अलग मामले, आरोपी गिरफ्तार
धरियावद पुलिस ने यौन शोषण का आरोपी पकड़ा, साइबर क्राइम टीम ने 3.81 करोड़ की ठगी में उत्तर प्रदेश से आरोपी गिरफ्तार किया
जयपुर में धरियावद पुलिस ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाले आरोपी क्रिश तीरगर को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, केंद्रीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से 3.81 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद निवासी आरोपी आलोक को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों की जांच जारी है।
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जयपुर। धरियावद पुलिस ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाले वांछित आरोपी क्रिश तीरगर को गिरफ्तार किया है। जयपुर के केंद्रीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 3.81 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
धरियावद थानाधिकारी हजारीलाल मीना ने बताया कि 1 अगस्त को पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि चार साल से आरोपी क्रिश तीरगर निवासी पहाड़ा जिला उदयपुर इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करता रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
केंद्रीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जयपुर के थानाधिकारी गजेंद्र शर्मा ने बताया कि 5 अक्टूबर 2025 को दर्ज रिपोर्ट में परिवादी ने बताया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के संबंध में गूगल सर्च इंजन पर जानकारी प्राप्त कर रहा था। आरोपियों ने सीएमसी फॉरेक्स और सीएमसी ग्लोबल सीएस के नाम से फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाकर ठगी की।
टेलीग्राम के माध्यम से खुद को कंपनी के भारत स्थित कस्टमर केयर और मैनेजमेंट से संबंधित बताते हुए आरोपियों ने परिवादी से संपर्क किया। कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर परिवादी से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 3,81,37,677 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए छोटी रकम में से कुछ राशि वापस कर दी गई, जिससे परिवादी को प्लेटफॉर्म के वास्तविक होने का भरोसा हो गया।
ठगों ने निवेश और टैक्स के नाम पर बार-बार अतिरिक्त शुल्क जमा करवाए और रकम निकालने पर बहाने बनाए। साइबर ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट में बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर परिवादी को करोड़ों रुपए का लाभ होने का भ्रम दिया।
पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और मनी ट्रेल का विश्लेषण किया, जिसमें एक लाभार्थी बैंक खाते का संबंध शिव बेकर्स एंड फास्ट फूड से पाया गया। आरोपी आलोक निवासी फैजाबाद (अयोध्या), उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया है। उसकी भूमिका साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लिए प्रयुक्त बैंक खाते से जुड़ी मिली।
डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन में गठित टीम में पुलिस निरीक्षक राधेश्याम, कांस्टेबल मनोज सामोता, कृष्ण यादव और कांस्टेबल चालक सुबे सिंह शामिल थे। आरोपी के खिलाफ अग्रिम अनुसंधान जारी है और मनी ट्रेल, सीडीआर, सीएएफ, आईपीडीआर और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- साइबर ठगी में इस्तेमाल कौन-कौन से प्लेटफॉर्म थे?
- ठगों ने 'सीएमसी फॉरेक्स' और 'सीएमसी ग्लोबल सीएस' नाम के फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाए।
- क्या ठगी के पैसे वापस किए गए थे?
- शुरुआत में थोड़ी रकम वापस कर विश्वास हासिल किया गया, लेकिन बाद में पैसा वापस नहीं मिला।
- पुलिस ठगी के अन्य नेटवर्क की खोज क्यों कर रही है?
- क्योंकि ठगी की रकम कई खातों में जा सकती है और अन्य आरोपी भी शामिल हो सकते हैं।
- आरोपी आलोक कहाँ का निवासी है?
- आलोक उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) का निवासी है।
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