बीकानेर में संप्रेषण गृह से छह बाल अपचारी फरार
चार गार्ड तैनात होने के बावजूद बाल अपचारियों ने छत से कूदकर भागने में कामयाबी पाई
बीकानेर के बाल संप्रेषण गृह से छह बाल अपचारी रात को छत की ऊंची दीवार कूदकर फरार हो गए। पुलिस ने सुरक्षा गार्डों की लापरवाही सामने आने पर मामला दर्ज कर उनकी जांच शुरू कर दी है। संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, और इसे शहर से बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव लंबित है।
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बीकानेर। बीकानेर के गजनेर पुल के पास एमएस कॉलेज के सामने स्थित बाल संप्रेषण गृह से छह बाल अपचारी रात करीब 11 बजे छत की करीब 10 फीट ऊंची दीवार कूदकर फरार हो गए। घटना के समय परिसर में चार सुरक्षा गार्ड तैनात थे, लेकिन वे बाल अपचारियों को रोक नहीं पाए।
परिवीक्षा एवं कारागृह कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी की रिपोर्ट के अनुसार, फरार बाल अपचारियों के साथ ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्डों पर लापरवाही का आरोप है। घटना के दौरान संप्रेषण गृह और उसके नजदीक बने सुरक्षित स्थान के ताले खुले थे और चाबियों का गुच्छा बाल अपचारियों के साथ ले जाया गया। इससे बाल अपचारियों को बाहर निकलने और छत तक पहुंचने में आसानी हुई।
सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फरार बाल अपचारियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात गार्डों सहित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की है। पुलिस में सूचना देरी से मिलने के कारण पहले अपने स्तर पर तलाश की गई।
मुकदमा दर्ज करने वाले अधिकारी राजेश चौधरी ने बताया कि मामले में दो सुरक्षा गार्डों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ताले खुले क्यों थे और चाबियां बाल अपचारियों के हाथ कैसे पहुंचीं।
सुरक्षा व्यवस्था में मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि चार गार्डों की मौजूदगी के बावजूद बाल अपचारी छत तक पहुंच गए। नकबजनी का आरोपी बताया जा रहा मास्टरमाइंड भी फरार बाल अपचारियों में शामिल है, जो बालिग हो चुका है।
संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में यहां से बाल अपचारियों के फरार होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। 26 मार्च 2023 को चार बाल अपचारियों ने हॉल में लगे पांच सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे। इसके बाद छत की जाली काटकर भागने का प्रयास किया गया था, जिसमें से एक को मौके पर पकड़ लिया गया था। 1 जून 2019 को दो बाल अपचारी सुधार गृह से निकल गए थे। 14 सितंबर 2018 और 3 नवंबर 2018 को भी बाल अपचारी फरार हुए थे।
गजनेर पुल के पास शहरी क्षेत्र में स्थित संप्रेषण गृह और किशोर गृह को शहर से बाहर अधिक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया वर्षों से अटकी हुई है। पूर्व में जोड़बीड़ क्षेत्र में जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। परिणामस्वरूप दोनों संस्थान उसी परिसर में संचालित हो रहे हैं और समय-समय पर सुरक्षा में सेंध की घटनाएं सामने आती रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- फरार बाल अपचारियों की तलाश कैसे शुरू की गई?
- सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मौका स्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की।
- बाल अपचारी ताले और चाबियां कैसे लेकर गए?
- ताले खुले थे और चाबियों का गुच्छा बाल अपचारियों के पास था, जिससे फरार होना आसान हुआ।
- फरार बाल अपचारियों में कौन शामिल है?
- नकबजनी का आरोपी और मास्टरमाइंड भी फरार बाल अपचारियों में शामिल है, जो बालिग हो चुका है।
- क्या संप्रेषण गृह की सुरक्षा में पहले भी समस्याएं आई हैं?
- हाँ, हाल के वर्षों में कई बार बाल अपचारियों की फरार होने की घटनाएं हुई हैं।
- संप्रेषण गृह को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की स्थिति क्या है?
- शहरी क्षेत्र के बाहर स्थानांतरण की प्रक्रिया अटकी हुई है, जोड़बीड़ क्षेत्र का प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ।
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